कौशांबी हत्याकांड: सपा सांसद पुष्पेंद्र सरोज समेत कई दिग्गज नेता नजरबंद, भारत यादव की हत्या के बाद गांव में तनाव

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में भारत यादव नाम के युवक की सनसनीखेज हत्या के बाद सियासी पारा चढ़ गया है। मंगलवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के पदाधिकारियों की सक्रियता को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहा। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने कौशांबी सांसद पुष्पेंद्र सरोज समेत कई प्रमुख सपा नेताओं को उनके आवास पर नजरबंद कर दिया। यह कार्रवाई इलाके में किसी भी संभावित विरोध प्रदर्शन या जातीय तनाव को रोकने के उद्देश्य से की गई है।

प्रेम विवाह बना रंजिश की वजह, रविवार को हुई थी हत्या

करारी थाना क्षेत्र के छोटा अड़हरा गांव निवासी 30 वर्षीय भारत यादव ने सात साल पहले अपनी पड़ोसन रुचि पांडेय उर्फ प्रज्ञा से प्रेम विवाह किया था। रुचि अपने मामा के घर रहती थी और इस अंतरजातीय विवाह को लेकर दोनों परिवारों में लंबे समय से रंजिश चल रही थी। बीते रविवार, 26 अप्रैल की रात भारत यादव की बेरहमी से हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में रुचि के मामा अशोक पांडेय और उनके बेटे अंकित पांडेय को नामजद करते हुए गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

प्रशासनिक घेराबंदी: सांसद के घर पहुंचे सुरक्षा अधिकारी

मृतक भारत यादव के परिजनों से मिलने के लिए सपाइयों के अड़हरा गांव कूच करने की सूचना पर प्रशासन ने तुरंत एक्शन लिया। सपा सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने बताया कि उन्हें उनके प्रयागराज स्थित आवास पर लगभग दो घंटे तक नजरबंद रखा गया। सीओ चायल अभिषेक सिंह खुद सांसद से मिलने पहुंचे और कानून-व्यवस्था की वर्तमान स्थिति से उन्हें अवगत कराया। वार्ता के बाद सांसद और अन्य नेताओं ने अड़हरा गांव जाने का अपना प्रस्तावित कार्यक्रम फिलहाल स्थगित कर दिया है।

इन प्रमुख सपा नेताओं पर प्रशासन ने कसी नकेल

सांसद पुष्पेंद्र सरोज के अलावा कौशांबी और प्रतापगढ़ के कई अन्य कद्दावर नेताओं को भी नजरबंद किया गया। इनमें कुंडा से पूर्व प्रत्याशी परवेज अंसारी, पप्पू समदा, आनंद मोहन पटेल और चंद्रजीत यादव जैसे नाम शामिल हैं। प्रशासन को अंदेशा था कि राजनीतिक जमावड़े से गांव का माहौल बिगड़ सकता है। पुलिस ने गांव की सीमा पर बैरिकेडिंग कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है ताकि किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश रोका जा सके।

धारा 163 के तहत हुई कार्रवाई, शांति बहाली की कोशिश

कौशांबी एसपी सत्यनारायण प्रजापत ने मीडिया को बताया कि कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए बीएनएस (BNS) की धारा 163 के तहत यह एहतियाती कदम उठाया गया है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना और जिले में शांति का वातावरण बनाए रखना है। फिलहाल अड़हरा गांव में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।

Join our WhatsApp Channel and Get all Latest News Updates

Hot this week

Related Articles

Popular Categories