कर्नाटक हाई कोर्ट ने बलात्कार के आरोपी की जमानत याचिका खारिज की, जज ने कहा अपराधियों में कानून का डर जरूरी

Bengaluru News: कर्नाटक हाई कोर्ट ने बलात्कार के एक आरोपी को बड़ी राहत देने से साफ इनकार कर दिया है। अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान बेहद सख्त रुख अपनाया। हाई कोर्ट ने कहा कि देश में अपराधी बड़ी आसानी से और रोज़मर्रा की तरह संगीन अपराधों को अंजाम दे रहे हैं।

जस्टिस आर. नटराज ने जमानत याचिका पर मौखिक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि लोग लोकतांत्रिक व्यवस्था में मिले अधिकारों का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। हमारे देश में अपराधियों से कड़ाई से नहीं निपटा जाता। इसी वजह से अब लोगों के मन में देश के कानून का कोई डर नहीं बचा है।

क्या अपराधियों के मन में कड़े कानून से ही डर पैदा होगा?

जज ने सुनवाई के दौरान मध्य-पूर्वी देशों के सख्त कानूनों का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि वहां अपराधियों के अंग तक काट दिए जाते हैं। शायद ऐसी कड़ी सजा से ही लोग कानून मानने को मजबूर होंगे। हमारे यहाँ लोकतंत्र होने के कारण लोग कानून को बेहद हल्के में ले रहे हैं।

अदालत एमआईटी मणिपाल के छात्र गोपी रेड्डी कार्तिक रेड्डी की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। आरोपी छात्र बलात्कार के आरोप में पिछले दो महीनों से न्यायिक हिरासत में बंद है। अदालत ने उसकी जमानत टालते हुए कहा कि उसे जेल की आदत पड़ने देनी चाहिए क्योंकि आगे सजा भी हो सकती है।

अदालत ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर मांगा पूरा जवाब

हाई कोर्ट ने छात्र की जमानत याचिका पर राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। अदालत इस संवेदनशील मामले पर अब आगामी 8 जून को अगली सुनवाई करेगी। आरोपी के वकील ने दलील दी थी कि लगातार जेल में रहने से छात्र का पूरा भविष्य खराब हो जाएगा।

अभियोजन पक्ष के मुताबिक पीड़ित महिला और आरोपी छात्र मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में सहपाठी थे। आरोपी ने साल 2023 में महिला से अपने प्यार का इजहार किया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि सितंबर 2023 में आरोपी ने अपने फ्लैट पर उसके साथ जबरन यौन उत्पीड़न किया।

Author: Adv Anuradha Rajput

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