क्या बिहार में होने वाला है बड़ा ‘खेला’? नितिन नवीन के इस्तीफे में देरी से मची सियासी खलबली!

Bihar News: बिहार की राजनीति में इन दिनों एक अजीब सी खामोशी है। यह खामोशी किसी बड़े सियासी तूफान का स्पष्ट इशारा कर रही है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार सरकार में मंत्री नितिन नवीन के इस्तीफे में हो रही देरी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। नितिन नवीन और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दोनों ही हाल ही में राज्यसभा के लिए चुने गए हैं। नियमों के अनुसार इन्हें अपनी विधानसभा और विधान परिषद की मौजूदा सदस्यता से इस्तीफा देना होगा। जानकारी के मुताबिक यह इस्तीफा 30 मार्च तक हो जाना चाहिए। लेकिन नितिन नवीन के इस्तीफे में हो रही इस देरी ने पटना से लेकर दिल्ली तक सियासी गलियारों का तापमान काफी बढ़ा दिया है।

इस्तीफे में देरी के पीछे की असली वजह क्या है?

राजनीति में सही समय का बहुत अधिक महत्व होता है। जब कोई नेता बड़ा पद संभालता है, तो उसे पुरानी जिम्मेदारियां छोड़नी पड़ती हैं। नितिन नवीन को हाल ही में बीजेपी का पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है। वह पटना की बांकीपुर सीट से विधायक हैं। साथ ही वह बिहार सरकार में अहम मंत्री भी हैं। अब वह राज्यसभा के सांसद भी बन चुके हैं। ऐसे में उनका बिहार कैबिनेट से इस्तीफा देना पूरी तरह तय है। लेकिन यह इस्तीफा अब तक क्यों नहीं हुआ? क्या बीजेपी किसी खास और गुप्त रणनीति पर काम कर रही है? राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बीजेपी शायद नीतीश कुमार के अगले राजनीतिक कदम का इंतजार कर रही है।

नीतीश कुमार के अगले फैसले पर टिकी हैं निगाहें

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो चुके हैं। वह पिछले कई दशकों से बिहार की सत्ता के मुख्य केंद्र में रहे हैं। उनका राज्यसभा जाना बिहार की राजनीति में एक बड़े बदलाव का प्रतीक है। नीतीश कुमार को भी 30 मार्च तक विधान परिषद की सदस्यता छोड़नी पड़ सकती है। हालांकि संवैधानिक प्रावधानों के तहत वह बिना किसी सदन के सदस्य रहे भी अगले छह महीने तक मुख्यमंत्री बने रह सकते हैं। लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि वह जल्द ही कोई चौंकाने वाला फैसला ले सकते हैं। इसी वजह से एनडीए गठबंधन का हर नेता बहुत सोच-समझकर कदम रख रहा है।

बिहार में नए सत्ता समीकरण बनने की सुगबुगाहट

नितिन नवीन का राष्ट्रीय स्तर पर जाना कोई सामान्य बात नहीं है। वहीं नीतीश कुमार का भी दिल्ली की तरफ रुख करना बड़े संकेत दे रहा है। इससे बिहार में सत्ता का एक बड़ा खालीपन पैदा होने वाला है। अगर नीतीश कुमार जल्द ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देते हैं, तो अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? क्या बीजेपी अपना कोई मुख्यमंत्री बनाएगी? या फिर जेडीयू से ही कोई नया चेहरा सामने आएगा? नितिन नवीन के इस्तीफे में हो रही इस लगातार देरी को इसी बड़े सत्ता परिवर्तन की सुगबुगाहट से जोड़कर देखा जा रहा है। सत्ता के इस खेल में हर दिन एक नया पन्ना जुड़ रहा है।

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