India News: देशभर में भीषण गर्मी और जानलेवा लू ने गंभीर संकट पैदा किया है। इस मौसम में भारत के 12 राज्यों के जंगल भयंकर आग की चपेट में हैं। भारतीय वन सर्वेक्षण के सैटेलाइट डेटा ने बेहद डराने वाली तस्वीर पेश की है। मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के जंगलों में आग बड़े पैमाने पर फैली है। यह आग कई दिनों से लगातार धधक रही है। इससे हमारे पर्यावरण और बेजुबान वन्यजीवों को भारी नुकसान पहुंच रहा है।
सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ मध्य प्रदेश
ताजा आंकड़ों के अनुसार मध्य भारत का मध्य प्रदेश राज्य इस प्राकृतिक आपदा से सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। पिछले कुछ दिनों में यहां आग लगने की 634 बड़ी घटनाएं दर्ज की गई हैं। मध्य प्रदेश के अलावा महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के जंगलों में भी हाहाकार मचा हुआ है। इन दोनों राज्यों में क्रमशः 465-465 आग की घटनाएं सामने आई हैं। दक्षिण भारत में आंध्र प्रदेश के शेषाचलम जंगलों में भी 400 से अधिक जगहों पर आग धधक रही है।
उत्तराखंड से पूर्वोत्तर राज्यों तक तबाही
उत्तर भारत में उत्तराखंड से लेकर पूर्वोत्तर राज्यों तक जंगल जल रहे हैं। उत्तराखंड के लैंसडाउन, रानीखेत और फूलों की घाटी के पास भारी तबाही मची है। यहां अब तक लगभग 130 हेक्टेयर वन भूमि पूरी तरह राख हो चुकी है। इसका सीधा असर चार धाम तीर्थयात्रा मार्ग पर भी पड़ा है। पूर्वोत्तर क्षेत्र हमेशा से वन की आग के प्रति संवेदनशील माना जाता है। यहां असम में 190 और मणिपुर में 128 आग की भयंकर घटनाएं दर्ज हुई हैं।
देश के आधे जंगल बने खतरनाक हॉटस्पॉट
पर्यावरण और वन मंत्रालय की एक अहम रिपोर्ट बहुत चिंताजनक है। इस रिपोर्ट के अनुसार भारत का करीब आधा वन क्षेत्र आग की आशंका वाले जोन में है। पश्चिमी महाराष्ट्र, दक्षिणी छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मध्य ओडिशा संवेदनशील हॉटस्पॉट बन चुके हैं। हिमाचल प्रदेश के शिमला और तमिलनाडु के नीलगिरी क्षेत्र भी आग से बुरी तरह प्रभावित हैं। वन विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें आग बुझाने का लगातार प्रयास कर रही हैं।


