Delhi News: देश में चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) की पढ़ाई करने वाले लाखों छात्रों के लिए एक बहुत बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) अपने मुख्य सीए पाठ्यक्रम में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा एनालिसिस जैसे आधुनिक विषयों को शामिल करने जा रहा है।
आईसीएआई के माननीय अध्यक्ष प्रसन्न कुमार डी. ने एक विशेष साक्षात्कार में इस ऐतिहासिक फैसले की आधिकारिक घोषणा की है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि मौजूदा दौर में टेक्नोलॉजी अब इस गरिमामयी पेशे का एक बेहद अहम और अटूट हिस्सा बन चुकी है। इसी वजह से इन तकनीकी विषयों को पाठ्यक्रम में समाहित करना अनिवार्य हो गया है।
अध्यक्ष प्रसन्न कुमार डी. के मुताबिक, इंजीनियरों के लिए एआई भले ही एक अलग या वैकल्पिक विषय हो सकता है, लेकिन आज के दौर में सीए के छात्रों के लिए यह सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है। अब भविष्य में चाहे कॉर्पोरेट रोजगार हो या अपनी खुद की प्रैक्टिस, एआई के ज्ञान के बिना कोई भी चार्टर्ड अकाउंटेंट आगे नहीं बढ़ सकता।
शिक्षा एवं प्रशिक्षण की समीक्षा के लिए विशेष समिति का गठन
पाठ्यक्रम में इन बड़े बदलावों को सही तरीके से लागू करने के लिए आईसीएआई ने हाल ही में शिक्षा एवं प्रशिक्षण की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। यह विशेष समिति फिलहाल सीए के पूरे पाठ्यक्रम, परीक्षा प्रणाली और व्यावहारिक प्रशिक्षण के सभी पहलुओं की बेहद बारीकी से समीक्षा कर रही है।
यह समीक्षा समिति आगामी दिसंबर महीने तक अपनी अंतिम सिफारिशें संस्थान को सौंप देगी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वर्तमान में लागू सीए पाठ्यक्रम में एआई और डेटा विश्लेषण जैसे आधुनिक विषय सीधे तौर पर शामिल नहीं हैं, जिससे छात्रों को वैश्विक स्तर पर चुनौतियों का सामना करना पड़ता था।
पिछले कुछ वर्षों के दौरान सीए के पूरे पेशे में गैर-वित्तीय रिपोर्टिंग, एआई, डेटा विश्लेषण और फॉरेंसिक ऑडिट का महत्व बहुत तेजी से बढ़ा है। इसी उभरती जरूरत को ध्यान में रखते हुए संस्थान नए बदलावों की तैयारी कर रहा है। आईसीएआई ने इससे पहले साल 2023 में शिक्षा एवं प्रशिक्षण की अपनी नई योजना शुरू की थी।
संस्थान से प्राप्त ताजा जानकारी के मुताबिक, इस नए और आधुनिक तकनीकी सिलेबस को साल 2028 से पूरे देश में पूरी तरह से लागू किए जाने की प्रबल संभावना है। इस कदम से भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स वैश्विक बाजार की नई तकनीकी जरूरतों और कॉरपोरेट चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह से सक्षम और तैयार हो सकेंगे।
Author: Rajesh Kumar

