Uttar Pradesh News: गाजियाबाद पुलिस ने मथुरा से एक बेहद चौंकाने वाली गिरफ्तारी की है। देश के संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने और जासूसी के आरोप में मीरा ठाकुर को पकड़ा गया है। यह महिला मथुरा के औरंगाबाद इलाके में एक आम ई-रिक्शा चालक की जिंदगी जी रही थी। इस बड़े खुलासे ने सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय लोगों की नींद उड़ा दी है।
मीरा प्रजापति उर्फ मीरा ठाकुर महादेव नगर में अपने दो बच्चों के साथ रहती थी। वह पिछले दो सालों से अपने पति मुकेश से बिल्कुल अलग रह रही थी। उसका पति मुकेश पेशे से हलवाई का काम करता है। मीरा ने करीब आठ साल पहले इस महादेव कॉलोनी में अपना घर खरीदा था।
इस गिरफ्तारी की खबर के बाद से मीरा का पूरा परिवार गहरे सदमे में है। उसके भाई और मां का घर भी मीरा के मकान के बिल्कुल पास ही स्थित है। परिवार में किसी को कानों-कान खबर नहीं थी कि वह देश विरोधी गतिविधियों का हिस्सा है।
ई-रिक्शा की आड़ में जासूसी का खौफनाक जाल
जासूसी के इस खतरनाक खेल को छिपाने के लिए मीरा ने एक पुख्ता चाल चली थी। वह दिखावे के लिए टाउनशिप से मथुरा तक खुद अपना ई-रिक्शा चलाती थी। इसके जरिए वह समाज में एक बेसहारा और मेहनती महिला की छवि बनाए हुए थी।
मीरा की दो छोटी बेटियां हैं, जिनकी उम्र महज दस और चार साल है। जासूसी का यह गहरा राज छिपा रहे, इसलिए वह पड़ोसियों से कोई मतलब नहीं रखती थी। वह किसी से ज्यादा बातचीत नहीं करती थी और सिर्फ अपने काम से काम रखती थी।
मीरा के भाई नरोत्तम ने बताया कि बहन के पकड़े जाने पर उन्होंने पुलिस को सूचना दी। परिवार ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मीरा ऐसा कुछ खौफनाक कर सकती है। अब इस अचानक हुई गिरफ्तारी ने उसके मासूम बच्चों के सामने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है।
पड़ोसियों के लिए संघर्षरत महिला, असल में निकली जासूस
मीरा की यह खौफनाक सच्चाई सामने आने के बाद पड़ोसियों के पैरों तले जमीन खिसक गई है। वे बेहद हैरान हैं कि दो साल से उनके बीच एक जासूस महिला रह रही थी। उन्हें वह हमेशा अकेले संघर्ष करने वाली एक साधारण सी महिला ही लगी।
पड़ोसियों ने बताया कि मीरा के हाव-भाव और रहन-सहन से कभी कोई शक नहीं हुआ। पति से अलग होने के बाद ई-रिक्शा चलाकर वह अपना गुजारा कर रही थी। किसी से न घुलना-मिलना उसकी इस भयानक साजिश का एक बहुत बड़ा हिस्सा था।


