10 हजार फीट की ऊंचाई पर आतंकियों की तलाश, राजौरी में ‘ऑपरेशन शेरुवाली’ सातवें दिन भी जारी

Rajouri News: जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में आतंकवादियों के खिलाफ सुरक्षा बलों का बड़ा अभियान लगातार जारी है। मनजाकोट क्षेत्र के दोरीमाल-गंभीर मुगलां जंगलों में चल रहा यह ऑपरेशन एक सप्ताह से अधिक समय से जारी है। दुर्गम पहाड़ी इलाकों और घने जंगलों के कारण अभियान सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

सुरक्षा बलों के अनुसार यह अभियान करीब 10 हजार फीट की ऊंचाई वाले क्षेत्र में चल रहा है। सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ के दस हजार से अधिक जवान इलाके में तैनात हैं। अभियान को ‘ऑपरेशन शेरुवाली’ नाम दिया गया है और लगातार सघन तलाशी ली जा रही है।

खुफिया सूचना के बाद शुरू हुआ अभियान

सुरक्षा एजेंसियों को सूचना मिली थी कि दो से तीन आतंकवादी जंगलों में छिपे हुए हैं। इसके बाद संयुक्त सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया। तलाशी के दौरान आतंकवादियों और जवानों का आमना-सामना हुआ, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई।

अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने जंगल के कई हिस्सों में दबाव बढ़ाया है। अधिकारियों का मानना है कि आतंकवादी अब भी क्षेत्र के भीतर मौजूद हैं। सुरक्षा एजेंसियां उन्हें सुरक्षित रास्ता नहीं मिलने देने की रणनीति पर काम कर रही हैं और लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।

ड्रोन से रखी जा रही लगातार नजर

ऑपरेशन में आधुनिक तकनीक का भी व्यापक उपयोग किया जा रहा है। ड्रोन और अन्य निगरानी उपकरणों की मदद से जंगल के संवेदनशील हिस्सों पर नजर रखी जा रही है। सुरक्षा बल आतंकवादियों की संभावित गतिविधियों का पता लगाने के लिए हवाई निगरानी को लगातार मजबूत कर रहे हैं।

क्षेत्र के कई संभावित निकास मार्गों को सील कर दिया गया है। अतिरिक्त जवानों की तैनाती के बाद सुरक्षा घेरा और मजबूत किया गया है। पिछले कुछ दिनों में इलाके से कई बार गोलीबारी और विस्फोट जैसी गतिविधियों की आवाजें भी सुनाई दी हैं।

संदिग्ध ठिकानों से मिला महत्वपूर्ण सामान

तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों को कुछ संदिग्ध ठिकानों से सामान और अन्य सामग्री बरामद हुई है। जांच एजेंसियां इन वस्तुओं का विश्लेषण कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि इससे आतंकवादियों की मौजूदगी और उनकी गतिविधियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।

सूत्रों के अनुसार अभियान क्षेत्र में खून के निशान भी मिले हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि मुठभेड़ के दौरान कुछ आतंकवादी घायल हुए हो सकते हैं। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

पूरे क्षेत्र में बढ़ाई गई सुरक्षा

सुरक्षा एजेंसियों को संदेह है कि छिपे हुए आतंकवादी विदेशी या सीमा पार से संचालित आतंकी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। इसी कारण अभियान को बेहद सावधानी से आगे बढ़ाया जा रहा है। जवान बिना जल्दबाजी के इलाके को पूरी तरह सुरक्षित बनाने पर ध्यान दे रहे हैं।

राजौरी और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। गांवों में निगरानी बढ़ाई गई है और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक क्षेत्र में छिपे सभी आतंकवादियों को पकड़ नहीं लिया जाता या उन्हें निष्क्रिय नहीं कर दिया जाता।

Author: Raj Thakur

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