गले के आर-पार हो गई लोहे की रॉड! मौत के मुंह से खींच लाए गोरखपुर के डॉक्टर, हुआ ‘चमत्कार’

Uttar Pradesh News: गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने एक बच्चे को मौत के मुंह से बचाकर चिकित्सा जगत में मिसाल कायम की है। ऊंचाई से गिरने के कारण एक लोहे की रॉड बच्चे के गले के आर-पार हो गई थी। इस बेहद नाजुक स्थिति में डॉक्टरों ने अपनी विशेषज्ञता और सूझबूझ का परिचय दिया। उन्होंने एक जटिल ऑपरेशन के जरिए रॉड को सफलतापूर्वक बाहर निकाला। फिलहाल बच्चे की स्थिति स्थिर है और उसे नया जीवन मिल गया है।

छत से गिरते ही गले में जा धंसी रॉड

यह खौफनाक घटना गोरखपुर जिले के एक गांव की है। आठ साल का मासूम बच्चा अपनी छत पर खेल रहा था। अचानक संतुलन बिगड़ने से वह नीचे गिर पड़ा। नीचे निर्माणाधीन मकान के पिलर से लोहे की रॉड बाहर निकली हुई थी। बच्चा सीधे उस रॉड पर जा गिरा। रॉड उसके गले के एक तरफ से घुसकर दूसरी तरफ निकल गई। बच्चे की चीख सुनकर परिजन दौड़े और उसे लहूलुहान हालत में अस्पताल ले गए।

बीआरडी मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की अग्निपरीक्षा

बच्चे को तुरंत बीआरडी मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। रॉड गले की नसों और खाने की नली के बेहद करीब थी। डॉक्टरों की एक टीम ने तुरंत मामले की गंभीरता को समझा। उन्होंने बिना समय गंवाए ऑपरेशन करने का फैसला लिया। ऑपरेशन थिएटर में डॉक्टरों ने करीब तीन घंटे तक कड़ी मशक्कत की। यह एक चुनौतीपूर्ण कार्य था क्योंकि जरा सी चूक बच्चे की जान ले सकती थी।

सफलतापूर्वक निकाली गई रॉड और बचाई जान

सर्जरी विभाग और एनेस्थीसिया टीम के बेहतर तालमेल से रॉड को सुरक्षित बाहर निकाला गया। डॉक्टरों ने बताया कि रॉड ने मुख्य रक्त वाहिकाओं को नहीं काटा था, जो बच्चे के लिए सबसे बड़ी राहत की बात रही। ऑपरेशन के बाद बच्चे को आईसीयू में रखा गया है। अस्पताल के प्राचार्य ने डॉक्टरों की टीम की इस शानदार उपलब्धि की सराहना की है। उन्होंने कहा कि यह जटिल सर्जरी डॉक्टरों की मेहनत और विशेषज्ञता का परिणाम है।

परिजनों ने डॉक्टरों को बताया ‘भगवान का रूप’

बच्चे के माता-पिता ने डॉक्टरों का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें ‘भगवान’ की संज्ञा दी है। उन्होंने बताया कि जिस वक्त हादसा हुआ, उन्हें बच्चे के बचने की कोई उम्मीद नहीं लग रही थी। लेकिन डॉक्टरों ने हार नहीं मानी और चमत्कार कर दिखाया। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इस तरह की सफल सर्जरी से आम जनता का भरोसा सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर और मजबूत हुआ है। बच्चा अब धीरे-धीरे स्वस्थ हो रहा है।

Hot this week

Related News

Popular Categories