Delhi News: भारतीय सेना के जांबाज जनरल एन एस राजा सुब्रमणि ने देश के नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का पदभार संभाल लिया है। भारत सरकार ने उन्हें इस सर्वोच्च सैन्य पद पर नियुक्त किया है। वे निवर्तमान सीडीएस जनरल अनिल चौहान की जगह भारतीय सेनाओं की कमान संभालेंगे।
नए सीडीएस जनरल सुब्रमणि इससे पहले राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार के रूप में काम कर रहे थे। उन्होंने देश की सुरक्षा रणनीति बनाने में हमेशा बेहद अहम भूमिका निभाई है। अब उनके कंधों पर तीनों सेनाओं के आधुनिकीकरण और थिएटराइजेशन मॉडल को लागू करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
पीएम मोदी के जेएआई विजन के लिए प्रतिबद्ध
पदभार ग्रहण करते ही नए सीडीएस जनरल सुब्रमणि ने देश की सुरक्षा को लेकर अपनी प्राथमिकताएं साफ कर दी हैं। उन्होंने कहा कि देश ने सशस्त्र बलों पर जो भरोसा जताया है, हम उसके आभारी हैं। तीनों सेनाएं और रक्षा मंत्रालय मिलकर भारत की सीमाओं को पूरी तरह सुरक्षित बनाएंगे।
सीडीएस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष विजन जेएआई यानी जॉइंटनेस, आत्मनिर्भरता और इनोवेशन को लागू करने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि सेनाओं में संगठनात्मक सुधार हमारी प्राथमिकता होगी। हम स्वदेशी हथियारों के विकास और उन्हें सेना में शामिल करने की प्रक्रिया को और तेज करेंगे।
शानदार प्रारंभिक जीवन और अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक योग्यता
जनरल सुब्रमणि ने चौदह दिसंबर उन्नीस सौ पचासी को प्रतिष्ठित गढ़वाल राइफल्स की आठवीं बटालियन में कमीशन प्राप्त किया था। वे राष्ट्रीय रक्षा अकादमी और भारतीय सैन्य अकादमी के पूर्व छात्र रहे हैं। उन्होंने देश के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सैन्य शिक्षा में महारत हासिल की है।
वे ब्रिटेन के जॉइंट सर्विसेज कमांड स्टाफ कॉलेज और दिल्ली के नेशनल डिफेंस कॉलेज के छात्र रहे हैं। उनके पास किंग्स कॉलेज लंदन से मास्टर ऑफ आर्ट्स की डिग्री है। इसके अलावा उन्होंने मद्रास विश्वविद्यालय से रक्षा अध्ययन में प्रतिष्ठित एम.फिल की उच्च डिग्री भी हासिल की है।
चीन और पाकिस्तान सीमा का लंबा अनुभव
जनरल सुब्रमणि को भारत की सबसे कठिन और संवेदनशील सीमाओं पर सेना का नेतृत्व करने का व्यापक अनुभव है। उन्होंने असम में उग्रवाद विरोधी अभियान ऑपरेशन राइनो के दौरान शानदार कमान संभाली थी। इसके अलावा उन्होंने जम्मू-कश्मीर में वन सिक्स एट इन्फैंट्री ब्रिगेड का सफल नेतृत्व किया।
उन्होंने देश के सेंट्रल सेक्टर में सत्रह माउंटेन डिवीजन की कमान भी संभाली थी। उनके करियर की बड़ी उपलब्धियों में पश्चिमी मोर्चे पर भारतीय सेना की प्रमुख स्ट्राइक कोर टू कोर की कमान संभालना शामिल है। वे उप थल सेनाध्यक्ष और मध्य कमान के कमांडर भी रह चुके हैं।
कूटनीतिक और सैन्य खुफिया मामलों के एक्सपर्ट
फील्ड में कमान संभालने के अलावा जनरल सुब्रमणि ने कई महत्वपूर्ण कूटनीतिक पदों पर शानदार कार्य किया है। वे कजाकिस्तान में भारत के डिफेंस अटाशे के रूप में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उन्होंने रक्षा मंत्रालय के एकीकृत मुख्यालय में सैन्य खुफिया विभाग के उप महानिदेशक का पद संभाला।
उत्तरी कमान के चीफ ऑफ स्टाफ के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने चीन और पाकिस्तान दोनों सीमाओं की चुनौतियों को करीब से समझा है। देश के प्रति उनकी समर्पित सेवा के लिए राष्ट्रपति ने उन्हें परम विशिष्ट सेवा पदक और अति विशिष्ट सेवा पदक समेत कई सर्वोच्च सम्मान दिए हैं।
Author: Harikarishan Sharma

