Budget News: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में वित्त विधेयक 2026 पर चर्चा का जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि भारत तेजी से आर्थिक सुधारों की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि ये सुधार किसी बाहरी दबाव का परिणाम नहीं, बल्कि सरकार की स्पष्ट नीति, मजबूत इरादों और दीर्घकालिक दृष्टिकोण का हिस्सा हैं। उन्होंने 17 जीवनरक्षक दवाओं को बेसिक कस्टम ड्यूटी से मुक्त करने की घोषणा की।
नया आयकर कानून होगा सरल और विवाद-मुक्त
वित्त मंत्रीने कहा कि 2025 का नया आयकर अधिनियम विवादों को कम करने और अनुपालन को आसान बनाने में मदद करेगा। सरकार करदाताओं के लिए कर प्रणाली को सरल बना रही है, जिससे कर प्रक्रिया सहज होगी और मुकदमों में कमी आएगी। लक्ष्य एक ऐसा टैक्स सिस्टम बनाना है जो पारदर्शी, सरल और करदाताओं के लिए सुविधाजनक हो। डिजिटल प्रक्रियाओं से टैक्स फाइलिंग अब पहले से अधिक आसान हो रही है।
17 जीवनरक्षक दवाओं पर बड़ी राहत
निर्मलासीतारमण ने 17 आवश्यक जीवनरक्षक दवाओं को बेसिक कस्टम ड्यूटी से पूरी तरह मुक्त करने की घोषणा की। इस फैसले से दवाओं की कीमतों में बड़ी कमी आने की उम्मीद है, जिससे लाखों मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा। यह कदम सरकार की जन-कल्याणकारी नीतियों को और मजबूत करता है। छोटे करदाताओं के लिए कम या शून्य टीडीएस सर्टिफिकेट प्राप्त करने की प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है।
2033 तक हर नागरिक को बीमा सुरक्षा
वित्त मंत्रीने राज्यसभा में बताया कि केंद्र सरकार ने 2033 तक देश के हर नागरिक को बीमा सुरक्षा देने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का स्वास्थ्य बीमा बाजार 1.17 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जिससे लगभग 58 करोड़ लोगों को कवरेज मिला। 2.51 करोड़ व्यक्तिगत पॉलिसियों से 6 करोड़ लोगों को और 13 लाख ग्रुप पॉलिसियों से 27 करोड़ से अधिक लोगों को बीमा सुरक्षा मिली है।
वैश्विक औसत से अभी पीछे, सुधार जारी
वित्त मंत्रीने स्वीकार किया कि बीमा कवरेज अभी भी वैश्विक स्तर से कम है। जहां दुनिया में प्रति व्यक्ति प्रीमियम औसतन 943 डॉलर है, वहीं भारत में यह केवल 97 डॉलर है। इस अंतर को कम करने के लिए सरकार लगातार सुधार कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र द्वारा वसूले गए सेस और सरचार्ज से प्राप्त राशि से अधिक धन राज्यों की कल्याणकारी योजनाओं पर खर्च किया जा रहा है।
MSME, किसान और सहकारी क्षेत्र को मजबूती
वित्त विधेयक 2026 मेंएमएसएमई सेक्टर, किसानों और सहकारी क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी गई है। वित्त मंत्री ने कहा कि ये क्षेत्र रोजगार सृजन और उत्पादन की रीढ़ हैं। नए प्रावधानों के माध्यम से इन सेक्टरों के लिए तरलता बढ़ाने, नियमों का बोझ कम करने और आर्थिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया गया है।


