दिल्ली में ‘क्षेत्रीय नफरत’ का तांडव: क्या सिर्फ बिहारी होने की सजा मौत है? हेड कॉन्स्टेबल की गोली का शिकार बना परिवार का इकलौता सहारा

Delhi News: देश की राजधानी दिल्ली के बिंदापुर इलाके में एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ एक हेड कॉन्स्टेबल ने सिर्फ इसलिए एक युवक की हत्या कर दी क्योंकि उसने खुद को बिहार का निवासी बताया था। मृतक पांडव अपने परिवार का इकलौता सहारा था। घटना के बाद प्रजापति कॉलोनी में गम और गुस्से का माहौल है। जगह-जगह ‘हमें न्याय चाहिए’ और ‘रक्षक बना भक्षक’ के पोस्टर लगे हैं। पुलिस ने आरोपी हेड कॉन्स्टेबल नीरज को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन पीड़ित परिवार के सामने अब जीवन यापन का गहरा संकट खड़ा हो गया है।

सिर्फ ‘बिहार’ का नाम सुनते ही हिंसक हुआ पुलिसकर्मी

प्रत्यक्षदर्शी दीपक के अनुसार, वारदात उस वक्त हुई जब पांडव अपने दोस्तों के साथ मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे। हेड कॉन्स्टेबल नीरज ने उन्हें रास्ते में रोका और पूछताछ शुरू की। जैसे ही पांडव ने अपना परिचय देते हुए कहा कि वह बिहार का रहने वाला है, नीरज आगबबूला हो गया। उसने अभद्र भाषा का प्रयोग किया और क्षेत्रीय भेदभाव की कड़वाहट हवा में घुल गई। पांडव हाथ जोड़कर जाने देने की मिन्नतें करता रहा, लेकिन नफरत में अंधे नीरज ने रहम नहीं दिखाया।

गिड़गिड़ाते युवक के सीने में उतार दी गोली

आरोप है कि अहंकार में चूर नीरज ने अपनी सर्विस पिस्टल निकाली और पांडव के सीने पर सीधे गोली चला दी। गोली पांडव के शरीर को चीरते हुए पीछे बैठे उसके साथी कृष्ण के पेट में जा लगी। वारदात के बाद चीख-पुकार मच गई, लेकिन आरोपी के चेहरे पर पछतावा नहीं था। उसने घायलों को अस्पताल ले जाने की धमकी दी और खुद ठंडे दिमाग से बैग उठाकर कार से फरार हो गया। पांडव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कृष्ण अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है।

किराए के कमरे में रहने वाले परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

पांडव की मौत ने एक हंसते-खेलते गरीब परिवार की कमर तोड़ दी है। वह घर का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था और डिलीवरी बॉय का काम करता था। उसके कंधों पर बूढ़े माता-पिता, एक बीमार छोटे भाई और विवाहित बहन की जिम्मेदारी थी। सोमवार को पांडव की माँ का रो-रोकर बुरा हाल था। पूरा परिवार एक किराए के कमरे में रहता है। अब पांडव के जाने के बाद उनके सामने दो वक्त की रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

न्याय की गुहार और क्षेत्रीय अस्मिता पर सवाल

रविवार को अंतिम संस्कार के बाद परिजनों ने अस्थि कलश रखकर इंसाफ की मांग शुरू कर दी है। कॉलोनी के लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि एक रक्षक ही भक्षक कैसे बन गया। पोस्टर पर लिखे सवाल ‘क्या बिहारी होना गुनाह है’ ने समाज की गहरी नफरत को उजागर किया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग और कानूनी स्तर पर सख्त कार्रवाई का दावा कर रही है।

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