शिवपुरी मर्डर केस: 29 साल पुराने हत्याकांड में दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, दो दोषियों की उम्रकैद बरकरार

Delhi News: राजधानी के शिवपुरी इलाके में साल 1997 में हुई एक महिला की नृशंस हत्या के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने अपना अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने मंगलवार को लूटपाट और हत्या के दो दोषियों की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है। न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति रविंदर डुडेजा की पीठ ने दोषियों की उन अपीलों को खारिज कर दिया, जिनमें निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी गई थी।

अदालत ने दोषियों को एक हफ्ते में सरेंडर करने का दिया आदेश

हाई कोर्ट की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि ट्रायल कोर्ट के निष्कर्षों में कोई भी कानूनी त्रुटि नहीं मिली है। अभियोजन पक्ष ने अनिल कुमार और सूर्य नारायण के खिलाफ आरोपों को पूरी तरह साबित किया है। अदालत ने दोनों दोषियों को शेष सजा काटने के लिए एक सप्ताह के भीतर जेल अधीक्षक के समक्ष आत्मसमर्पण करने का सख्त निर्देश दिया है। यदि वे नियत समय पर सरेंडर नहीं करते हैं, तो पुलिस को उनकी गिरफ्तारी के आदेश दिए गए हैं।

लूटपाट के दौरान गला रेतकर की गई थी महिला की हत्या

यह सनसनीखेज मामला 9 मई 1997 का है, जब डाबरी थाना क्षेत्र के शिवपुरी में दूजा देवी का शव उनके घर में मिला था। जांच में सामने आया था कि लूटपाट के इरादे से आए अपराधियों ने धारदार हथियार से महिला का गला रेत दिया था। वारदात से ठीक पहले दोनों दोषियों को मृतका के साथ आखिरी बार देखा गया था। इसी ‘लास्ट सीन थ्योरी’ और अन्य सबूतों के आधार पर अदालत ने उन्हें गुनहगार माना था।

2004 में मिली थी उम्रकैद, अब तक जमानत पर थे अपराधी

निचली अदालत ने एक मई 2004 को ही दोनों को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। हालांकि, दोषियों ने इस फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील दायर की थी और लंबे समय से वे जमानत पर बाहर चल रहे थे। अब 29 साल बाद हाई कोर्ट के अंतिम फैसले ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का रास्ता साफ कर दिया है। पुलिस अब सरेंडर की प्रक्रिया पर नजर रखे हुए है।

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