Ghaziabad News: गाजियाबाद के साहिबाबाद थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां की एक विशेष अदालत ने अपनी ही चार साल की सगी बेटी के साथ दरिंदगी करने वाले कलयुगी पिता को दोषी करार देते हुए बीस साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
यह खौफनाक घटना 19 फरवरी 2024 को साहिबाबाद के शहीद नगर इलाके में घटित हुई थी। आरोपी पिता ने अपनी मासूम बेटी के साथ हैवानियत की सारी हदें पार कर दी थीं। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया था और सबने आरोपी को फांसी देने की मांग की थी।
पीड़ित बच्ची की मां भी शुरुआत में अपने पति को कड़ी से कड़ी सजा दिलाना चाहती थी। इस वजह से महिला ने कोर्ट में शुरुआती छह तारीखों तक मामले की डटकर पैरवी भी की। लेकिन बाद में बच्चों के पालन-पोषण और आर्थिक तंगी के कारण उसने अदालत आना बंद कर दिया।
अभियोजन पक्ष ने संभाला इंसाफ का जिम्मा
जब पीड़ित बच्ची की मां ने पैरवी छोड़ दी, तब सरकारी अभियोजन पक्ष ने मासूम को इंसाफ दिलाने का पूरा जिम्मा अपने कंधों पर उठा लिया। विशेष लोक अभियोजक सतीश शर्मा ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से मामले से जुड़े तमाम पुख्ता सबूत और गवाहों को अदालत के सामने पेश किया।
इस जघन्य वारदात के बाद पीड़िता की मां ने अपने पति और ससुराल पक्ष से हमेशा के लिए नाता तोड़ लिया था। महिला अकेले ही मजदूरी करके अपने बच्चों का भरण-पोषण कर रही है। हालांकि पड़ोसियों और मायके वालों ने शुरुआत में मदद का भरोसा दिया था, लेकिन बाद में कोई साथ नहीं आया।
अदालत में इस संवेदनशील मामले की दो साल दो महीने तक सुनवाई चली, जिसमें कुल 61 तारीखें लगीं। आरोपी पक्ष का वकील मामले को लंबा खींचने के लिए हर बार नए बहाने बनाता था। लेकिन अभियोजन पक्ष की मुस्तैदी के आगे आरोपी की एक न चली और उसे सजा हो गई।
विशेष अदालत ने सभी सबूतों और गवाहों के आधार पर आरोपी पिता को दोषी पाया। कोर्ट ने उसे बीस वर्ष के कड़े कारावास की सजा सुनाई है। हालांकि अभियोजन पक्ष ने अदालत से दोषी के लिए उम्रकैद की मांग की थी, ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जा सके।
Author: Raj Thakur

