Delhi News: दिल्ली विधानसभा का पांचवां विशेष सत्र मंगलवार को हंगामेदार शुरुआत के साथ शुरू हुआ। सदन की सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच भाजपा विधायक हाथ पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे। विपक्षी विधायकों ने संसद में महिला आरक्षण संशोधन बिल गिरने पर अपना कड़ा रोष जताया। सदन की कार्यवाही के दौरान नियम 280 के तहत अपनी क्षेत्रीय समस्याएं उठाते समय भी विधायक काली पट्टी पहने रहे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में भाजपा ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा के लिए विशेष मोर्चा खोला है।
विपक्ष पर बरसे सरकार के दिग्गज मंत्री
राज्य सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा ने विधानसभा परिसर में पत्रकारों से तीखी बात की। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में विपक्ष ने एकजुट होकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध किया है। वर्मा के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने वर्षों तक दबे-कुचले वर्ग की महिलाओं की आवाज बुलंद करने के लिए मेहनत की थी। विपक्ष ने करोड़ों महिलाओं के सपनों को चकनाचूर कर दिया है। सरकार आज सदन में विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाएगी ताकि दिल्ली की महिलाओं को स्पष्ट संदेश दिया जा सके।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पेश करेंगी निंदा प्रस्ताव
सत्र की गंभीरता को देखते हुए मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि संसद के पास महिलाओं को सम्मान देने का ऐतिहासिक अवसर था। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने इस मौके को विश्वासघात में बदल दिया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता स्वयं इस मुद्दे पर एक व्यापक निंदा प्रस्ताव लेकर आ रही हैं। विधायक अभय वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री के पास महिला एवं बाल कल्याण विभाग का प्रभार भी है। ऐसे में वे सदन में देश और दिल्ली की महिलाओं की भावनाओं को मजबूती से व्यक्त करेंगी।
ऐतिहासिक यादों और श्रद्धांजलि से शुरू हुआ सदन
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही पार्श्व गायिका आशा भोसले के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया गया। इसके बाद प्रथम विश्व युद्ध में शहीद हुए भारतीय सैनिकों की याद में विधायकों ने एक मिनट का मौन रखा। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सदन को इस चेंबर के गौरवशाली इतिहास की याद दिलाई। उन्होंने बताया कि 108 वर्ष पहले इसी स्थान पर एक ऐतिहासिक युद्ध सम्मेलन हुआ था। इसमें देश भर के 120 बड़े प्रतिनिधियों और रजवाड़ों ने हिस्सा लिया था।
कांग्रेस पर ‘धोखाधड़ी’ का गंभीर आरोप
मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कांग्रेस पार्टी पर भारत की आधी आबादी का अधिकार छीनने का आरोप लगाया है। सिरसा के मुताबिक, कांग्रेस वर्षों से आरक्षण लाने का केवल दावा करती रही लेकिन वक्त आने पर धोखा दिया। भाजपा विधायक हरीश खुराना ने भी प्रधानमंत्री मोदी की मंशा का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि 2029 में महिलाओं को उनका हक देने की योजना को विपक्ष ने जानबूझकर रोका है। भाजपा अब हर हाल में महिलाओं को उनका संवैधानिक अधिकार दिलाने के लिए संकल्पबद्ध है।
सदन के बाहर भी दिखा कड़ा विरोध प्रदर्शन
विधानसभा सत्र शुरू होने से ठीक पहले मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में भारी विरोध प्रदर्शन हुआ। भाजपा विधायकों ने संसद में बिल पारित न होने के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मंत्रियों ने स्पष्ट किया कि आज का एक दिवसीय सत्र पूरी तरह नारी शक्ति के सम्मान को समर्पित है। सरकार का मुख्य उद्देश्य उस ‘विश्वासघात’ पर विस्तार से चर्चा करना है जो विपक्षी दलों ने किया है। सदन के भीतर और बाहर इस मुद्दे पर राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर बना हुआ है।


