ईरान-अमेरिका तनाव के बीच होर्मुज से सुरक्षित निकले भारतीय जहाज, समंदर में गूंजे ‘भारत माता की जय’ के नारे

Tehran News: मध्य पूर्व में इस वक्त भारी तनाव का माहौल है। ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं। दुनिया भर में तेल और एलपीजी गैस की सप्लाई पर बड़ा संकट मंडरा रहा है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को कई देशों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया है। इस रास्ते से गुजरने वाले विदेशी जहाजों को लगातार रोका जा रहा है। लेकिन इस तनाव के बीच भारत के लिए एक बहुत राहत भरी खबर आई है। एलपीजी गैस से लदे दो भारतीय जहाजों ने रविवार को सुरक्षित रूप से इस जलडमरूमध्य को पार कर लिया। इन जहाजों पर सवार भारतीय नाविकों ने गर्व से तिरंगा लहराया। समुद्र की लहरों के बीच ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारे गूंज उठे। यह नजारा हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा करने वाला है।

होर्मुज में गूंजे भारत माता की जय के नारे

भारतीय जहाज जब होर्मुज के खतरनाक समुद्री रास्ते से गुजर रहे थे, तो नजारा देखने लायक था। समुद्र के बीचों-बीच भारतीय नाविकों का जोश बहुत हाई था। उन्होंने अपने हाथों में गर्व से भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा थाम रखा था। सामने आए वीडियो में नाविकों ने भारतीय नौसेना का भी खुलकर धन्यवाद किया है। जहाजों के आसपास भारतीय नौसेना की भी स्पष्ट मौजूदगी दिख रही थी। संकट की घड़ी में भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर बहुत मुस्तैद है। ईरान ने भी इस तनावपूर्ण माहौल में भारत को अपना मित्र देश माना है। इसी वजह से ईरान ने भारतीय जहाजों को वहां से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी है।

भारत आ रही 94 हजार मीट्रिक टन गैस

भारत सरकार ने इस पूरे अहम अभियान की विस्तृत जानकारी दी है। सरकार के मुताबिक दोनों जहाजों में लगभग 94 हजार मीट्रिक टन कुकिंग गैस भरी हुई है। इन दोनों मालवाहक जहाजों के नाम ‘BW Tyr’ और ‘BW Elm’ हैं। ये दोनों जहाज अब सुरक्षित रूप से भारतीय तटों की तरफ तेजी से बढ़ रहे हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया कि ‘BW Tyr’ मुंबई की ओर आ रहा है। इसके 31 मार्च 2026 तक मुंबई पहुंचने की पूरी उम्मीद है। वहीं दूसरा जहाज ‘BW Elm’ कर्नाटक के न्यू मैंगलोर बंदरगाह जा रहा है। वह जहाज 1 अप्रैल तक अपने तय गंतव्य पर सुरक्षित पहुंच जाएगा। इससे भारत के अंदर रसोई गैस की कोई कमी नहीं होने वाली है।

खाड़ी क्षेत्र में मौजूद हैं कई भारतीय जहाज

होर्मुज का यह संकरा रास्ता दुनिया के तेल व्यापार के लिए बहुत ज्यादा अहम है। ईरान और अमेरिका के बीच तनातनी के कारण यहां से जहाजों की आवाजाही ठप पड़ गई है। लेकिन ईरान ने गैर-दुश्मन देशों के जहाजों को आसानी से रास्ता देने की बात कही है। जहाज ट्रैकिंग डेटा से पता चलता है कि कुछ और टैंकर इस रास्ते को पार कर चुके हैं। भारत सरकार ने बताया है कि पश्चिमी खाड़ी क्षेत्र में अभी भी 18 भारतीय जहाज मौजूद हैं। इन सभी जहाजों पर भारतीय झंडा लगा है और इनमें 485 भारतीय नाविक सवार हैं। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एलपीजी गैस आयातक देश है। अपनी कुल गैस मांग का 60 फीसदी हिस्सा भारत आयात करता है। इसमें से करीब 90 प्रतिशत गैस मध्य-पूर्व के देशों से ही आती है। राहत की बात यह है कि भारतीय बंदरगाहों पर फिलहाल कामकाज बिल्कुल सामान्य चल रहा है।

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