Himachal News: पहाड़ों की रानी हिमाचल प्रदेश के गांवों में अब एक नई आर्थिक क्रांति आ रही है। आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रवि शंकर की प्रेरणा से हिमालय उन्नति मिशन ने एक बहुत शानदार पहल की है। कांगड़ा जिले के जिया गांव में 26 से 28 मार्च तक तीन दिवसीय होमस्टे प्रशिक्षण कार्यक्रम चला। इसमें स्थानीय लोगों को अपने घरों को पर्यटकों के लिए तैयार करने का प्रशिक्षण मिला। चंबा के दुर्गम इलाके पांगी से भी लोगों ने इसमें पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। कुल 25 लोगों ने आतिथ्य, स्वच्छता और डिजिटल मार्केटिंग के गुर सीखे।
ग्रामीण पर्यटन से संवरेगी गांव की अर्थव्यवस्था
हिमालय उन्नति मिशन के प्रोग्राम डायरेक्टर अमित मेहता इस पहल को बहुत खास मानते हैं। उनका कहना है कि इस मिशन का मुख्य उद्देश्य हिमालयी क्षेत्र का समग्र विकास करना है। कांगड़ा के चंगर और गुजरेहड़ा इलाकों में स्थानीय लोगों की जरूरतों पर काम हो रहा है। ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा मिलने से न केवल स्थानीय संस्कृति बचेगी। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था भी काफी मजबूत होगी। यह प्रशिक्षण इसी सही दिशा में उठाया गया एक बहुत ही सार्थक कदम है।
विशेषज्ञों ने सिखाए मेहमान नवाजी के खास गुर
इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में प्रतिभागियों को कई महत्वपूर्ण और नई जानकारियां दी गईं। राज्य होटल प्रबंधन संस्थान, धर्मशाला के डॉ. राजन ने अपना अनुभव साझा किया। केंद्रीय विश्वविद्यालय के डॉ. अरुण भाटिया ने भी पर्यटन प्रबंधन की बारीकियां सिखाईं। पर्यटन विभाग के अधीक्षक पुरुषोत्तम ने भी लोगों का सही मार्गदर्शन किया। लोगों ने सीखा कि वे पर्यटकों को साफ-सुथरा माहौल कैसे दे सकते हैं। उन्हें स्वादिष्ट स्थानीय व्यंजन परोसने के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म का सही इस्तेमाल करना भी सिखाया गया।
पर्यटन विभाग ने दिया ग्रामीणों को पूरा समर्थन
कार्यक्रम के आखिरी दिन पर्यटन विभाग के उप निदेशक विनय धीमान ने 25 प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र दिए। उन्होंने होमस्टे विकास पर बहुत जरूरी बातें बताईं। विनय धीमान ने हिमालय उन्नति मिशन के शानदार प्रयासों की जमकर तारीफ की। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों में सरकार की तरफ से पूरी मदद का भरोसा दिया। मिशन के प्रतिनिधि बलराम गर्ग ने बताया कि उनका लक्ष्य कृषि पर्यटन को आगे बढ़ाना है। इस मौके पर विवेक शर्मा, आदित्य कुमार और प्रदीप शर्मा जैसे कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।


