हिमाचल के शक्तिपीठों में उमड़ा आस्था का महासागर! आधी रात को क्यों बुलानी पड़ी पुलिस?

Himachal News: हिमाचल प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों में चैत्र नवरात्र के दौरान आस्था का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ पड़ा है। कांगड़ा के बज्रेश्वरी, ज्वालामुखी और श्रीचामुंडा मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए हैं। मंदिरों में भक्तों ने दिल खोलकर लाखों रुपये का चढ़ावा भी चढ़ाया है। अकेले ज्वालामुखी मंदिर में एक दिन का दान 18 लाख रुपये के पार पहुंच गया। भीड़ इतनी ज्यादा बढ़ गई कि प्रशासन को व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस की मदद लेनी पड़ी।

ज्वालामुखी मंदिर में आधी रात को भारी भीड़

विश्व विख्यात शक्तिपीठ श्री ज्वालामुखी मंदिर में भक्तों की अपार भीड़ देखने को मिली। सातवें नवरात्र पर भक्तों ने 18 लाख 25 हजार रुपये का नकद दान माता को अर्पित किया। मंदिर अधिकारी अजय मंडयाल ने बताया कि दरबार भक्तों के लिए रात-दिन खुला रहा। रात 12 बजे के बाद दर्शनार्थियों की संख्या अचानक काफी बढ़ गई। श्रद्धालुओं की लंबी कतार बाजार के बीच तक पहुंच गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए तुरंत पुलिस को बुलाना पड़ा। गुरुवार को अष्टमी के दिन करीब 50 हजार श्रद्धालुओं ने माता की अखंड ज्योति के दर्शन किए।

बज्रेश्वरी धाम में गूंजे दुर्गा सप्तशती के श्लोक

बज्रेश्वरी मंदिर में विश्व कल्याण के लिए दुर्गा सप्तशती पाठ का भव्य आयोजन हुआ। नौ दिन तक चले इस अनुष्ठान में 700 श्लोक और 13 अध्याय पढ़े गए। अंतिम नवरात्र पर विधि-विधान से हवन किया गया और पूर्ण आहुति डाली गई। हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम के उपाध्यक्ष अजय वर्मा ने यज्ञ में विशेष पूजा-अर्चना की। मंदिर अधिकारी शिवाली ठाकुर ने बताया कि सातवें नवरात्र पर भक्तों ने लगभग 5 लाख 89 हजार रुपये का चढ़ावा चढ़ाया। अष्टमी के पावन अवसर पर 20 हजार श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में माथा टेका।

श्रीचामुंडा में सुबह पांच बजे से लगी कतारें

महाअष्टमी के दिन श्रीचामुंडा नंदिकेश्वर धाम में भक्तों का भारी जमावड़ा लगा। दर्शन के लिए सुबह पांच बजे से ही लंबी-लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। करीब 20 हजार श्रद्धालुओं ने माता चामुंडा और भगवान शिव के दरबार में अपनी हाजिरी लगाई। कई भक्तों ने मंदिर की पवित्र झील के किनारे कन्या पूजन किया। कांगड़ा के जिलाधीश हेमराज बैरवा ने भी यज्ञशाला में आहुतियां डालीं और माता का आशीर्वाद लिया। शुक्रवार दोपहर 12 बजे पूर्णाहुति के बाद नौ दिवसीय चैत्र नवरात्र अनुष्ठान का विधिवत समापन होगा।

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