Himachal News: हिमाचल प्रदेश के लाखों उपभोक्ताओं को महंगाई का बड़ा झटका लगा है। अप्रैल महीने से सरकारी डिपुओं में मिलने वाला रिफाइंड तेल अब महंगा हो गया है। खाद्य आपूर्ति विभाग ने नई कीमतों के साथ सप्लाई ऑर्डर जारी कर दिए हैं। करीब साढ़े 19 लाख परिवारों को अब अपनी जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी। मार्च महीने में उपभोक्ताओं को डिपुओं में रिफाइंड तेल नहीं मिल पाया था। अब अप्रैल के पहले सप्ताह से ही यह बढ़े हुए दामों के साथ डिपुओं में उपलब्ध होगा।
रिफाइंड तेल की कीमतों में 10 रुपये का इजाफा
राज्य के उचित मूल्य की दुकानों में पहले रिफाइंड तेल 125 रुपये प्रति लीटर मिलता था। अब इसकी कीमत में सीधे 10 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है। अप्रैल महीने से उपभोक्ताओं को एक लीटर रिफाइंड तेल के लिए 135 रुपये चुकाने होंगे। इससे प्रदेश के राशन कार्ड धारकों पर सीधा और बड़ा आर्थिक बोझ पड़ेगा। आम आदमी को इस महंगाई से काफी निराशा हुई है।
सरसों का तेल हुआ सस्ता, आटे का कोटा भी बदला
एक तरफ रिफाइंड तेल महंगा हुआ है, तो दूसरी तरफ सरसों के तेल ने थोड़ी राहत दी है। इस महीने से सरसों तेल की कीमत में सात रुपये की कमी आई है। यह अब 161 रुपये के बजाय 153 रुपये में मिल रहा है। इसके साथ ही सरकार ने आटे के कोटे में भी बदलाव किया है। अप्रैल महीने से उपभोक्ताओं को 11 किलो की जगह 12 किलो आटा मिलेगा। हालांकि, पहले यह कोटा 14 किलो हुआ करता था।
एपीएल और बीपीएल परिवारों के लिए राशन व्यवस्था
- एपीएल (APL) परिवारों को पुरानी व्यवस्था की तरह ही छह किलो चावल प्रति परिवार दिए जाएंगे।
- एनएफएसए, बीपीएल, पीएचएच और अंत्योदय परिवारों को 35 किलो राशन पूरी तरह नि:शुल्क मिलेगा।
- इस मुफ्त राशन में 19 किलो आटा और 15 किलो चावल शामिल किए गए हैं।
- सरकार ने गरीब वर्गों को महंगाई से बचाने के लिए यह मुफ्त व्यवस्था जारी रखी है।
खाद्य आपूर्ति विभाग ने जारी किए स्पष्ट निर्देश
कांगड़ा के खाद्य नियंत्रक पुरुषोत्तम सिंह ने इन नई कीमतों की आधिकारिक पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि बढ़ी हुई कीमतों के साथ नए सप्लाई ऑर्डर जारी हो चुके हैं। अप्रैल महीने से डिपुओं में रिफाइंड तेल नए दामों पर ही मिलेगा। मार्च में तेल की सप्लाई बाधित रही थी, लेकिन अब इसे सुचारू कर दिया गया है। विभाग यह सुनिश्चित कर रहा है कि उपभोक्ताओं को उनका राशन समय पर मिल सके।


