Himachal News: हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 15 से 20 सालों से पढ़ा रहे एसएमसी (SMC) शिक्षकों के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य सरकार ने इन शिक्षकों को शिक्षा विभाग में शामिल करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। स्कूल शिक्षा बोर्ड (HPBOSE) ने हाल ही में सीमित सीधी भर्ती (LDR) की परीक्षा करवाई थी। बोर्ड ने 20 मार्च को इसका परिणाम भी जारी कर दिया है। अब विभाग ने सफल शिक्षकों को 27 और 28 मार्च को काउंसलिंग और दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया है। सरकार इन शिक्षकों को 5 प्रतिशत कोटे के तहत ‘जॉब ट्रेनी’ के रूप में नियुक्त कर रही है।
पहले दो साल ‘जॉब ट्रेनी’, फिर मिलेगी पक्की नौकरी
शिक्षा विभाग ने नियुक्ति के नियम बिल्कुल स्पष्ट कर दिए हैं। विभाग एलडीआर परीक्षा पास करने वाले शिक्षकों को सीधा पक्का नहीं करेगा। इन शिक्षकों को पहले दो साल तक ‘जॉब ट्रेनी’ के तौर पर काम करना होगा। जो शिक्षक अपना दो साल का कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा करेंगे, विभाग उन्हें ही पूरी तरह से नियमित (रेगुलर) करेगा। स्कूल शिक्षा विभाग के निदेशक आशीष कोहली ने इस नई व्यवस्था की आधिकारिक पुष्टि की है।
सरकार ने भर्ती नियमों में किया अहम बदलाव
राज्य के मुश्किल और दूरदराज के इलाकों में 2400 से ज्यादा एसएमसी शिक्षक बच्चों का भविष्य संवार रहे हैं। राज्य सरकार ने जेबीटी, टीजीटी, सीएंडवी और पीईटी शिक्षकों की भर्ती और पदोन्नति नियमों में बड़ा बदलाव किया है। सरकार ने इन श्रेणियों के लिए 5 प्रतिशत एलडीआर कोटा तय किया है। शिक्षा निदेशालय फिलहाल सीएंडवी श्रेणी के शिक्षकों के रिकॉर्ड और दस्तावेजों की सख्ती से जांच कर रहा है।
प्रवक्ता और डीपीई शिक्षकों को अभी करना होगा इंतजार
एक तरफ कई शिक्षकों की पक्की नौकरी का रास्ता साफ हो गया है। वहीं दूसरी तरफ, सरकार ने प्रवक्ता (Lecturer) और शारीरिक शिक्षकों (DPE) के लिए अभी कोई कोटा तय नहीं किया है। सरकार ने अपनी तरफ से मंजूरी दे दी है, लेकिन विभागीय नियमों में अब तक कोई बदलाव नहीं हुआ है। नियमों में देरी के कारण इन दो श्रेणियों के सैकड़ों एसएमसी शिक्षकों का इंतजार खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है।

