Saharanpur News: महानगर में पीएनजी कनेक्शन वाले घरों में एलपीजी कनेक्शन बंद कराने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी। जिला स्तर पर तेल कंपनियों और बीपीसीएल के अधिकारी दोनों प्रकार के गैस कनेक्शनों की संख्या एक-दूसरे से साझा करेंगे। इसके लिए विभाग ने एक विशेष रणनीति तैयार की है।
बीपीसीएल द्वारा अब तक 29 हजार से अधिक घरों तक पीएनजी लाइनें डाली जा चुकी हैं, जबकि केवल 13 हजार से अधिक कनेक्शन ही एक्टिव हुए हैं। लगभग 16 हजार घरों में फिटिंग होने के बाद भी उपभोक्ताओं ने कनेक्शन शुरू नहीं कराए हैं। मांग के अनुसार रोजाना 80 से 100 नए कनेक्शन दिए जा रहे हैं।
डाटा मिलान के बाद बंद किए जाएंगे दोहरे गैस कनेक्शन
तेल कंपनियों इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम के जिला स्तरीय अधिकारियों की एक निगरानी समिति बनाई गई है। यह समिति पीएनजी कनेक्शन देने वाले बीपीसीएल गैस विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करेगी। इसके बाद एलपीजी और पीएनजी धारकों का पूरा डाटा आपस में शेयर किया जाएगा।
इस पूरी प्रक्रिया में ऐसे घरों को चिन्हित किया जाएगा, जिनके यहां पीएनजी चालू होने के बाद भी एलपीजी कनेक्शन एक्टिव है। डाटा का मिलान होने पर संबंधित उपभोक्ता का एलपीजी कनेक्शन तुरंत बंद कराया जाएगा। बीपीसीएल गैस विभाग के अनुसार ऐसे 260 एलपीजी कनेक्शन पहले ही बंद कराए जा चुके हैं।
इन प्रमुख क्षेत्रों के मोहल्लों में बिछ चुकी है पीएनजी पाइपलाइन
बीपीसीएल गैस विभाग के अनुसार जिन घरों में पीएनजी कनेक्शन चालू हो चुके हैं, वहां एलपीजी कनेक्शन बंद कराने की कार्यवाही तत्परता से की जाएगी। फिलहाल बेहट रोड, दिल्ली रोड, देहरादून रोड, जनता रोड और आईटीसी रोड के आसपास के क्षेत्र की 50 से अधिक कॉलोनियों में पीएनजी लाइनें बिछाई जा चुकी हैं।
बीपीसीएल गैस विभाग के प्रबंधक वीरेंद्र गड़तान ने बताया कि पीएनजी कनेक्शन के लिए हर दिन 80 से 100 नए आवेदन आ रहे हैं। विभाग इन आवेदनों पर तुरंत एक्शन ले रहा है और महज अगले ही दिन उपभोक्ताओं के घरों में पीएनजी गैस का कनेक्शन सफलतापूर्वक शुरू कराया जा रहा है।
