Prayagraj News: मांडा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक नवजात की दुखद मौत के बाद परिजनों का गुस्सा भड़क गया है। शनिवार को स्वजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने डॉक्टरों पर इलाज में भारी लापरवाही बरतने और ऑपरेशन के नाम पर अवैध वसूली करने का गंभीर आरोप लगाकर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मनीष मिश्रा ने बताया कि उनकी पत्नी सीमा मिश्रा का 25 जून को ऑपरेशन हुआ था। जन्म के समय बच्ची सामान्य थी, लेकिन कुछ समय बाद उसे स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें होने लगीं। अस्पताल प्रशासन ने उसे तुरंत डफरिन अस्पताल रेफर कर दिया, लेकिन वहां इलाज न मिलने पर अंततः बच्ची ने दम तोड़ दिया।
ओपीडी सेवा ठप, प्रशासन ने दिया जांच का आश्वासन
हंगामे के कारण मांडा सीएचसी की ओपीडी सेवाएं करीब चार घंटे तक पूरी तरह से प्रभावित रहीं। मरीजों को तपती गर्मी में इलाज के लिए काफी इंतजार करना पड़ा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नायब तहसीलदार यमुना प्रसाद वर्मा अस्पताल पहुंचे और एसडीएम मेजा नीलम उपाध्याय से फोन पर पीड़ित परिवार की बातचीत कराई।
एसडीएम ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने का लिखित आश्वासन दिया है। आश्वासन मिलने के बाद ही परिजन शांत हुए और उन्होंने अपना धरना समाप्त किया। प्रशासन अब इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रहा है ताकि तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्यवाही शुरू की जा सके।
परिजनों का आरोप है कि बच्ची के रेफर होने के बाद शहर के कई बड़े अस्पतालों में भी समय पर उचित इलाज नहीं मिल पाया, जिससे बच्ची की स्थिति लगातार बिगड़ती गई। अस्पताल प्रशासन पर लगे भ्रष्टाचार और इलाज में लापरवाही के आरोपों की पुष्टि के लिए अब संबंधित अधिकारियों द्वारा गहन जांच की जाएगी।

