Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश में परिषदीय विद्यालयों में बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के लिए ‘स्कूल चलो अभियान’ का दूसरा चरण एक जुलाई से शुरू हो रहा है। इसके तहत 15 जुलाई तक शिक्षक घर-घर जाकर उन बच्चों की पहचान करेंगे, जो अभी तक शिक्षा की मुख्यधारा से नहीं जुड़ सके हैं और उनका नामांकन करवाएंगे।
विद्यालय 25 जून से ही खुल चुके हैं, लेकिन कक्षाओं में बच्चों की उपस्थिति अभी काफी कम है। इसी को देखते हुए शिक्षा विभाग ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है। शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने पोषक क्षेत्र में जाकर सर्वे करें और स्कूल न आने वाले बच्चों की सूची तैयार करें ताकि उन्हें दाखिला दिया जा सके।
जन सहभागिता से बढ़ाया जाएगा नामांकन का ग्राफ
अभियान को सफल बनाने के लिए शिक्षकों के साथ ही ग्राम प्रधानों, स्कूल प्रबंधन समितियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का सहयोग लिया जाएगा। एक जुलाई से नामांकन अभियान में तेजी लाई जाएगी। शासन की मंशा है कि जिले का कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे और सभी प्राथमिक विद्यालयों तक पहुंचें।
इस अभियान में बालिका शिक्षा पर विशेष जोर दिया गया है। अक्सर घरेलू कार्यों में व्यस्त रहने के कारण बालिकाओं के स्कूल छोड़ने की संभावना अधिक होती है। इसे रोकने के लिए मीना मंच के माध्यम से नाटक, कॉमिक्स और कहानियों का मंचन किया जाएगा। इससे बालिकाओं को विद्यालय आने के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया जाएगा।
विभाग ने सभी ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों और प्रधानाध्यापकों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। साथ ही विद्यालयों को आकर्षक बनाने का काम भी अंतिम चरण में है। शिक्षा अधिकारी स्वयं गांवों का भ्रमण करेंगे और अभिभावकों से संपर्क करके उन्हें बच्चों के दाखिले के लिए प्रोत्साहित करेंगे ताकि शत-प्रतिशत नामांकन का लक्ष्य पूरा किया जा सके।

