Kinnaur News: हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में इस साल होने वाली प्रसिद्ध किन्नर कैलाश यात्रा को लेकर स्थिति बेहद संवेदनशील हो गई है। स्थानीय देव आस्था और धार्मिक मान्यताओं के कारण यह यात्रा इस बार बड़े विवादों में घिर चुकी है। ग्रामीण यात्रा को पूरी तरह रोकने की मांग कर रहे हैं।
दरअसल आगामी 1 जुलाई से आधिकारिक रूप से शुरू होने वाली इस पावन यात्रा पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने के लिए पोवारी और रिब्बा गांव के स्थानीय लोग लामबंद हो गए हैं। इन दोनों गांवों के देव समाज ने शासन-प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए यात्रा रोकने की गुहार लगाई है।
कुलदेवताओं ने देववाणी में दिया यात्रा रोकने का कड़ा आदेश
पोवारी गांव के कुलदेवता परका शंकर और रिब्बा गांव के कुलदेवता कसूराज ने देववाणी के माध्यम से बड़ा आदेश जारी किया है। उन्होंने किन्नर कैलाश यात्रा को पूर्णतया बंद करने को कहा है। ग्रामीणों का तर्क है कि इस यात्रा से क्षेत्र की पवित्रता और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है।
स्थानीय लोगों ने अपनी जायज मांगों को लेकर उपायुक्त किन्नौर को एक औपचारिक ज्ञापन भी सौंपा है। डीसी किन्नौर ने मीडिया से विशेष बातचीत में बताया कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर संवेदनशीलता से विचार कर रहा है। इस संदर्भ में राजस्व मंत्री की अध्यक्षता में एक बैठक भी की जा चुकी है।
बढ़ती गंदगी और भारी भीड़ से नाराज हैं स्थानीय लोग
देव समाज से जुड़े धर्म सिंह ने बताया कि भारी भीड़ के कारण पहाड़ों में हर तरफ गंदगी फैल रही है। इससे पेयजल स्रोतों और दुर्लभ जड़ी-बूटियों वाले पौधों को अपूरणीय क्षति पहुंच रही है। यही मुख्य कारण है कि स्थानीय देवता और ग्रामीण इस यात्रा का पुरजोर विरोध कर रहे हैं।
डीसी किन्नौर ने स्पष्ट किया है कि प्रशासन स्थानीय देव आस्था को किसी भी प्रकार की ठेस नहीं पहुंचने देगा। अब देखना यह होगा कि सरकार देव आदेश का सम्मान करते हुए यात्रा पर पूर्ण प्रतिबंध लगाती है या शर्तों के साथ कोई बीच का रास्ता निकालने का प्रयास करती है।
Reported By: Sunita Gupta

