Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में एक बेहद दुखद और हैरान करने वाली घटना सामने आई है। भवारना क्षेत्र में पंजाब नेशनल बैंक से पेंशन लेकर बाहर आ रहे भारतीय सेना के रिटायर्ड आनरेरी कैप्टन संसार चंद पटियाल पर एक सांड ने अचानक जानलेवा हमला कर दिया।
इस खतरनाक हमले में गंभीर रूप से घायल पूर्व सैन्य अधिकारी का विवेकानंद अस्पताल पालमपुर में इलाज के दौरान दुखद निधन हो गया। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। रविवार को सैन्य अधिकारियों ने राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया।
रिटायर्ड आनरेरी कैप्टन संसार चंद पटियाल का गौरवशाली सैन्य सफर
स्वर्गीय संसार चंद पटियाल का जन्म 14 अप्रैल 1938 को हुआ था। वह महज 15 वर्ष की आयु में 14 अप्रैल 1953 को भारतीय सेना के बॉम्बे इंजीनियर ग्रुप में शामिल हुए थे। उन्होंने देश की सुरक्षा के लिए लंबे समय तक अपनी अनुकरणीय और बेहतरीन सेवाएं प्रदान की थीं।
पालमपुर स्टेशन मुख्यालय के सैन्य जवानों ने दी अंतिम विदाई
पूर्व सैन्य अधिकारी के निधन पर सेना के स्टेशन मुख्यालय पालमपुर से सूबेदार जगत तमांग के नेतृत्व में पांच सैनिकों की स्पेशल गार्ड टुकड़ी अंतिम संस्कार स्थल पर पहुंची। सैन्य दल ने पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और हवा में फायर करके अंतिम सलामी के साथ विदा किया।
इस अचानक और दर्दनाक हादसे से संसार चंद पटियाल की पत्नी विमला देवी और उनके दोनों बेटे धर्मेंद्र तथा यशविंदर गहरे सदमे में हैं। भवारना के श्मशान घाट पर उनके बड़े बेटे धर्मेंद्र ने पूरे रीति-रिवाज के साथ अपने पूजनीय पिता की पार्थिव देह को मुखाग्नि दी।
पेंशन लेकर बैंक से बाहर निकलते ही हुआ जानलेवा हमला
यह पूरी घटना 11 जून की है जब संसार चंद पटियाल भवारना के पंजाब नेशनल बैंक से अपनी मासिक पेंशन लेकर बाहर निकल रहे थे। तभी मुख्य सड़क पर घूम रहे एक आवारा सांड ने उन पर पीछे से जोरदार हमला कर दिया और उन्हें बुरी तरह लहूलुहान कर दिया।
स्थानीय दुकानदारों और लोगों ने भारी मशक्कत के बाद बुजुर्ग पूर्व सैनिक को सांड के चंगुल से छुड़ाया। उन्हें तुरंत भवारना के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए पालमपुर के विवेकानंद अस्पताल के लिए रेफर कर दिया था।
स्थानीय जनता और गणमान्य नागरिकों में प्रशासन के खिलाफ आक्रोश
उनकी अंतिम यात्रा में जिला परिषद सदस्य संजीव सैनी, कर्नल एसएस राणा, बड़वार पंचायत प्रधान सुरेश पटियाल सहित भारी संख्या में ग्रामीण और सेवानिवृत्त पैरामिलिट्री बलों के सदस्य शामिल हुए। सभी वरिष्ठ नागरिकों ने इस दुखद घड़ी में पीड़ित परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
इस दर्दनाक मौत के बाद स्थानीय जनता में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि मुख्य बाजारों, सरकारी बैंकों, स्कूलों और मुख्य सड़कों के पास बेसहारा घूम रहे आवारा पशु आम लोगों की सुरक्षा के लिए लगातार एक बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं।
भवारना और आसपास के क्षेत्रों में सांडों का आतंक इतना बढ़ चुका है कि लोग अब घरों से बाहर निकलने में भी डर रहे हैं। इससे पहले बारी क्षेत्र में भी एक सांड के हमले में एक निर्दोष व्यक्ति की जान जा चुकी है, लेकिन प्रशासन मौन है।

