Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते गंभीर क्राइम ने पूरे स्टेट को दहला दिया है। अखिल भारतीय लोकतांत्रिक महिला संघ (एडवा) की राज्य इकाई ने बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर गहरी चिंता जताई है। संघ ने कहा कि राज्य में महिलाएं अब सुरक्षित नहीं हैं। इस स्थिति ने पुलिस प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैंटन।
शिमला और मंडी समेत कई जिलों में मर्डर से फैली सनसनी
एडवा की स्टेट प्रेसिडेंट रंजना जारेट और सेक्रेटरी फाल्मा चौहान ने हालिया मर्डर केस की कड़ी निंदा की। उन्होंने शिमला जिले में एक ही हफ्ते में हुई दो हत्याओं का विशेष उल्लेख किया। रोहड़ू में महिला की गोली मारकर हत्या और बुजुर्ग महिला का गला घोंटने की वारदात से हर कोई हैरान है। मंडी, कांगड़ा और कुल्लू में भी खौफनाक हिंसा हुई है।
सरकारी दावों की खुली पोल और रिकॉर्ड दर्ज हुए केस
महिला नेताओं ने आरोप लगाया कि गवर्नमेंट के महिला सुरक्षा के दावे जमीनी स्तर पर फेल साबित हुए हैं। स्टेट के अलग-अलग इलाकों से मर्डर, रेप, किडनैपिंग और टॉर्चर के मामले लगातार आ रहे हैं। चालू वर्ष 2026 में अब तक महिलाओं के खिलाफ रिकॉर्ड 478 गंभीर अपराध दर्ज हो चुके हैं, जो प्रशासनिक कमियों को उजागर करते हैं।
इन दर्ज मामलों में नाबालिगों से यौन शोषण के 49 केस शामिल हैं। इसके अलावा स्टेट में छेड़छाड़ के 117 और महिलाओं के किडनैपिंग के लगभग 110 मामले सामने आए हैं। संघ ने दावा किया कि डोमेस्टिक वायलेंस के कई मामले पुलिस तक पहुंच ही नहीं पाते हैं। स्थानीय स्तर पर समझौते के कारण पीड़ितों को न्याय नहीं मिलता है।
फास्ट ट्रैक कोर्ट और दोषियों को कड़ी सजा की मांग
महिला संगठन ने कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने पुलिस प्रशासन में तुरंत बड़े सुधार करने पर जोर दिया। संघ ने गवर्नमेंट से सभी मामलों की त्वरित जांच करने और अपराधियों को सख्त सजा दिलाने की अपील की है। अब देखना होगा कि प्रशासन इन घटनाओं पर क्या एक्शन लेता है।
Reported By: Sunita Gupta

