Himachal Pradesh News: इंदौरा-पठानकोट वाया डाहकुलाड़ा-मोहटली मुख्य मार्ग को जमीन के असली मालिक ने पूरी तरह बंद कर दिया है। मालिक ने रोड पर कंटीली तारबंदी करने के साथ-साथ मिट्टी के बड़े ढेर लगा दिए हैं। इस कदम से पठानकोट जाने वाले दर्जनों गांवों के हजारों लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
यह कड़ी कार्रवाई माननीय उच्च न्यायालय के एक महत्वपूर्ण आदेश की अनुपालना में की गई है। लोक निर्माण विभाग ने विकास के नाम पर मोहटली गांव के रघुबीर सिंह की पुश्तैनी भूमि पर सड़क तो बना दी थी, लेकिन उन्हें इसका कोई मुआवजा नहीं दिया। आखिरकार कोर्ट के आदेश के बाद भू-स्वामी ने रास्ता बंद कर दिया।
मुआवजे के लिए लड़नी पड़ी 33 साल लंबी कानूनी लड़ाई
पीड़ित रघुबीर सिंह ने अपनी मिलकीयती जमीन का हक पाने के लिए साल 2012 में अदालत का दरवाजा खटखटाया था। लोअर कोर्ट से लेकर हाई कोर्ट तक विभाग की सभी अपीलें खारिज हो गईं। अदालत ने साफ कहा कि या तो मालिक को उचित मुआवजा दें या फिर उसकी पैतृक भूमि वापस सौंप दी जाए।
सरकार की तरफ से कोई राहत न मिलने पर अदालत ने पुलिस सुरक्षा के बीच शुक्रवार को जमीन का कब्जा असली मालिक को वापस दे दिया। इस 33 साल लंबी कानूनी लड़ाई को जीतने के बाद पीड़ित ने अपनी जमीन पर अधिकार जताते हुए आम जनता के आवागमन को रोक दिया है।
औद्योगिक क्षेत्र का पूरा ट्रैफिक ठप और सरकार से मुआवजे की मांग
इस प्रमुख मार्ग के अचानक बंद हो जाने से मलोट स्थित औद्योगिक क्षेत्र का पूरा ट्रैफिक ठप हो गया है। उद्योगों में सामान की सप्लाई रुकने से व्यापार बुरी तरह प्रभावित होगा। भू-स्वामी रघुबीर सिंह का कहना है कि वह जनता को परेशान नहीं करना चाहते, लेकिन सरकार को न्याय करना होगा।
पीड़ित ने बताया कि वह इस अदालती लड़ाई में अब तक करीब 18.50 लाख रुपए खर्च कर चुके हैं। उन्होंने एक विकल्प देते हुए कहा कि यदि सरकार अब भी उन्हें जमीन की उचित मुआवजा राशि दे देती है, या फिर इस मार्ग पर टोल टैक्स लगाने की अनुमति देती है, तो वह रास्ता खोल देंगे।
Reported By: Sunita Gupta

