केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में हरियाणा और राजस्थान के बीच ऐतिहासिक यमुना जल समझौता संपन्न हुआ

- Advertisement -

New Delhi News: करीब तीन दशक पुराने यमुना जल बंटवारे के एग्रीमेंट को जमीन पर उतारने के लिए सोमवार को बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्रीय होम मिनिस्टर अमित शाह की मौजूदगी में हरियाणा और राजस्थान ने एक खास एमओयू पर साइन किए हैं। यह एग्रीमेंट 1994 के अपर यमुना रिवर बोर्ड समझौते को पूरी तरह लागू करने से जुड़ा हुआ है।

इस एग्रीमेंट का मुख्य टारगेट मानसून सीजन के दौरान हरियाणा के एक्स्ट्रा यमुना वाटर को अंडरग्राउंड पाइपलाइन के जरिए राजस्थान तक सुरक्षित पहुंचाना है। इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से राजस्थान के सूखाग्रस्त इलाकों को पीने का साफ पानी आसानी से मिल सकेगा। वर्षों से पेंडिंग पड़े इस वाटर डिस्ट्रीब्यूशन डिस्प्यूट का यह एक परमानेंट सॉल्यूशन माना जा रहा है।

- Advertisement -

हथिनीकुंड बैराज से पाइपलाइन के जरिए राजस्थान पहुंचेगा अतिरिक्त पानी

हरियाणा के चीफ मिनिस्टर नायब सिंह सैनी ने बताया कि जुलाई से अक्टूबर तक मानसून के दौरान मिलने वाले एक्स्ट्रा वाटर को राजस्थान पेयजल के रूप में इस्तेमाल करेगा। स्टेट गवर्नमेंट ने अपने एक्स्ट्रा वाटर का पूरा असेसमेंट करने के बाद यह फैसला लिया है। हथिनीकुंड बैराज से पाइपलाइन बिछाने के इस बड़े प्रोजेक्ट में हरियाणा सरकार पूरा को-ऑपरेशन देगी।

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जताया आभार

राजस्थान के चीफ मिनिस्टर भजनलाल शर्मा ने इस वाटर शेयरिंग एग्रीमेंट को दोनों राज्यों के इतिहास में एक गोल्डन चैप्टर बताया है। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक कदम लाखों लोगों और आने वाली पीढ़ियों की वाटर प्रॉब्लम को हमेशा के लिए सॉल्व कर देगा। उन्होंने गुजरात के पूर्व अनुभवों का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष आभार जताया।

- Advertisement -

बड़ी खबरें

Topics

Related Articles