Ambala News: बोरवेल में गिरे मासूम बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए प्रशासन और रेस्क्यू टीमें दिन-रात जुटी हुई हैं। इस रेस्क्यू ऑपरेशन को तेज करने के लिए विशेष बोरवेल और हैवी एक्सकेवेटर मशीनें मौके पर मंगवाई गई हैं। हालांकि, बोरवेल के अंदर पानी का लगातार हो रहा रिसाव बचाव दल के लिए सबसे बड़ी मुसीबत बना हुआ है।

मासूम की सुरक्षा के लिए समानांतर खोदा जा रहा है एक और गहरा गड्ढा
फंसे हुए बच्चे को सकुशल निकालने की रणनीति के तहत बोरवेल के बिल्कुल समानांतर एक और गहरा गड्ढा खोदा जा रहा है। इसके लिए प्रशासन ने बिना वक्त गंवाए बड़ी बोरवेल और अत्याधुनिक खुदाई मशीनें तैनात की हैं। मिट्टी धंसने के खतरे को देखते हुए बेहद सावधानी से टनल बनाने का काम चल रहा है।

पाइप से ऑक्सीजन सप्लाई और मेडिकल टीम लगातार रख रही है नजर
बोरवेल के अंदर फंसे बच्चे तक लगातार विशेष पाइप के जरिए ऑक्सीजन पहुंचाई जा रही है। एक कुशल मेडिकल टीम एम्बुलेंस के साथ मौके पर मुस्तैद है। डॉक्टर कैमरे के माध्यम से गहराई में फंसे बच्चे की हर हरकत और सेहत पर नजर रखे हुए हैं। पूरा इलाका बच्चे की सलामती के लिए दुआएं मांग रहा है।

खेत में खेलते समय खुले पड़े ट्यूबवेल के गहरे बोरवेल में गिरा 4 वर्षीय बच्चा
यह दर्दनाक हादसा सुबह करीब साढ़े छह बजे हुआ, जब 4 वर्षीय बच्चा अपने पिता और चाचा के साथ खेत पर घूमने गया था। वह खेत में खेल रहा था, तभी अचानक पैर फिसलने से वह खुले पड़े ट्यूबवेल के गहरे बोरवेल में जा गिरा। बच्चे के गिरते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई।

सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और राहत बचाव दल ने संभाली कमान
हादसे के बाद परिजनों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत गांव के सरपंच को इसकी जानकारी दी। इसके बाद जिला प्रशासन को सूचित किया गया। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला और एनडीआरएफ की राहत बचाव दल की टीम मौके पर पहुंच गई। उपायुक्त खुद इस पूरे रेस्क्यू मिशन की कमान संभाले हुए हैं।

