Shimla News: हिमाचल प्रदेश में साल 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर कांग्रेस (Congress) ने अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। पार्टी ने संगठन को मजबूत करने के लिए शिमला में दो दिनों तक गहन मंथन किया। इस बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल ने मुख्य रूप से भाग लिया।
राजीव भवन में स्थापित किया गया नया हाईटेक कनेक्ट सेंटर
रजनी पाटिल ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस (Press Conference) में बताया कि संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत किया जाएगा। इसके लिए कई कड़े फैसले लिए गए हैं। प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन में एक नया कनेक्ट सेंटर (Connect Center) खोला गया है। यह सीधे केंद्रीय नेतृत्व से जुड़ा रहेगा और सूचनाएं साझा करेगा।
पार्टी की बैठकों में करीब 85 प्रतिशत पदाधिकारियों ने भाग लिया। प्रभारी ने बताया कि आगामी 16 और 17 जुलाई को धर्मशाला में कांग्रेस की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (PAC) की एक महत्वपूर्ण बैठक होगी। इसमें संगठन के महासचिव भी शामिल होंगे, जहां सरकार के कामकाज और भावी चुनावी रणनीति पर चर्चा होगी।
मंत्रियों को सौंपी जाएगी जिलों की जिम्मेदारी और होगी समीक्षा
संगठन में बेहतर तालमेल के लिए प्रदेश सरकार के हर मंत्री (Minister) को एक-एक जिले की विशेष जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। ये मंत्री अपने संबंधित जिलों का नियमित दौरा करेंगे। वे जनता की समस्याओं को सुनेंगे और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी सीधे लोगों तक पहुंचाने का काम करेंगे।
सरकार और संगठन के कार्यों की हर तीन महीने में बाकायदा समीक्षा (Review) की जाएगी। राम मंदिर चंदा विवाद से जुड़े सवाल पर रजनी पाटिल ने कहा कि यह गंभीर विषय है और इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मंत्री जगत सिंह नेगी से भी बातचीत कर आपसी मतभेदों को जल्द सुलझा लिया जाएगा।
नीट पेपर लीक और छात्रसंघ चुनाव पर आंदोलन करेगी कांग्रेस
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने कहा कि नीट (NEET) पेपर लीक का मामला पार्टी का प्रमुख मुद्दा रहेगा। इस विषय पर पूरे देश में बड़ा आंदोलन (Movement) चलाया जाएगा। उन्होंने राम मंदिर चंदा मामले में सामने आए आरोपों पर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की चुप्पी पर भी गंभीर सवाल खड़े किए।
इधर, युवा कांग्रेस अध्यक्ष छतर सिंह ने कहा कि सरकार युवाओं को रोजगार देने के लिए लगातार काम कर रही है। कॉलेज (College) छात्रसंघ चुनावों को फिर से बहाल करने की मांग लंबे समय से हो रही है। युवा कांग्रेस इस मुद्दे को लोकतांत्रिक प्रक्रिया बढ़ाने के लिए सरकार के समक्ष मजबूती से उठाएगी।

