Haryana News: हरियाणा सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल को सस्पेंड कर दिया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने हाल ही में उन्हें गिरफ्तार किया था। साल 2000 बैच के यह अधिकारी फिलहाल न्यायिक हिरासत में बंद हैं। उन पर करीब 657 करोड़ रुपये के बड़े वित्तीय घोटाले का गंभीर आरोप है।
जांच एजेंसी का आरोप है कि हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद और हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के बैंक खातों से 60 करोड़ रुपये से अधिक की सरकारी राशि नियमों के खिलाफ निकाली गई। इस अवैध लेनदेन के समय पंकज अग्रवाल इन दोनों महत्वपूर्ण सरकारी विभागों में प्रधान सचिव के पद पर तैनात थे।
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में अवैध खाते खोलकर हुआ भारी नुकसान
सीबीआई की जांच में सामने आया है कि चंडीगढ़ स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की एक शाखा में सरकारी नियमों को ताक पर रखकर नए खाते खोले गए थे। इन बैंक खातों में जरूरत से ज्यादा सरकारी बजट ट्रांसफर किया गया और बाद में संदिग्ध ट्रांजैक्शन के जरिए पूरी रकम निकालकर बड़ा नुकसान पहुंचाया गया।
अवैध गबन मामले में अब तक 17 आरोपियों पर चार्जशीट
यह घोटाला केवल दो विभागों तक सीमित नहीं है बल्कि जांच एजेंसी हरियाणा सरकार के आठ अलग-अलग विभागों और चंडीगढ़ प्रशासन में हुए 657 करोड़ रुपये के कथित गबन की जांच कर रही है। केंद्रीय जांच एजेंसी इस पूरे मामले में बैंक अधिकारियों और निजी कंपनियों सहित 17 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
जांच एजेंसी को आईएएस पंकज अग्रवाल के खिलाफ कई महत्वपूर्ण डिजिटल और दस्तावेजी सबूत मिले हैं। इसके अलावा चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड, चंडीगढ़ नगर निगम और क्रेस्ट (CREST) से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं की जांच भी तेजी से चल रही है। सभी बैंक ट्रांजैक्शन की बारीकी से जांच के बाद अगली कानूनी कार्रवाई होगी।

