Bhiwani News: बहल के चर्चित प्रदीप हत्याकांड की शुरुआती जांच में बड़ी लापरवाही बरतने के आरोप में पुलिस विभाग ने सख्त एक्शन लिया है। विभाग ने बहल थाना के तत्कालीन एसएचओ, मुख्य जांच अधिकारी और एक महिला मुंशी को तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया है।
लापरवाही पर पुलिस अधीक्षक का बड़ा एक्शन
पुलिस अधीक्षक के कड़े हस्तक्षेप के बाद इस हत्याकांड में मुख्य आरोपी सहित सात आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। अब लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
आपसी रंजिश के चलते की गई थी प्रदीप की हत्या
सिवानी के डीएसपी सुरेंद्र कुमार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि शुरुआती जांच में हत्या की वजह आपसी रंजिश सामने आई है। पुलिस टीम अब इस मर्डर मिस्ट्री के सभी कानूनी पहलुओं और सबूतों की गहराई से जांच करने में जुटी हुई है।
परिजनों ने सचिवालय पहुंचकर सौंपा ज्ञापन
बुधवार को मृतक प्रदीप की बहनें प्रमिला और नीशा अपने परिजनों के साथ लघु सचिवालय पहुंचीं। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए ज्ञापन सौंपा। परिजनों का आरोप है कि समय रहते पुलिस ने उनकी शिकायतों पर कोई प्रभावी एक्शन नहीं लिया था।
आरोपी पक्ष के गांव के अधिकारी को दी थी जांच
परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने पुलिस को पहले ही सीसीटीवी फुटेज और महत्वपूर्ण तथ्य सौंप दिए थे। इसके बावजूद, जिस गांव के लोग नामजद आरोपी थे, उसी गांव के निवासी पुलिस अधिकारी को जांच सौंप दी गई। उसने निष्पक्ष जांच करने के बजाय पीड़ित परिवार पर ही दबाव बनाया।
महिला मुंशी पर लगा 50 हजार की रिश्वत का आरोप
मृतक की बहनों ने महिला मुंशी पर कार्रवाई आगे बढ़ाने के नाम पर 50 हजार रुपये रिश्वत मांगने का भी सनसनीखेज आरोप लगाया है। प्रमिला ने रोते हुए बताया कि दो बहनों के बीच प्रदीप इकलौता भाई था और उसकी हत्या पूरी प्लानिंग के साथ की गई थी।

