Goa Power Crisis: गोवा में बिजली को लेकर भारी बवाल! केजरीवाल ने भाजपा सरकार को दिया 31 जुलाई का अल्टीमेटम

Panaji News: गोवा में बिजली संकट को लेकर सियासत पूरी तरह गरमा गई है। आम आदमी पार्टी (आप) ने इस गंभीर मुद्दे पर राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है। पार्टी ने जनता की सहूलियत के लिए एक बड़ा और व्यापक राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करने की खुली चेतावनी दी है।

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पार्टी का आरोप है कि उपभोक्ताओं को गलत तरीके से बढ़े हुए भारी-भरकम बिजली बिल भेजे जा रहे हैं। बिना वजह के पेनल्टी चार्ज ने आम लोगों की आर्थिक परेशानियों को और ज्यादा बढ़ा दिया है। कई गरीब परिवारों पर पुराना बकाया बिल कर्ज के बोझ की तरह लगातार बढ़ता जा रहा है।

अरविंद केजरीवाल का सरकार को तीखा अल्टीमेटम

पणजी में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने राज्य सरकार की नीतियों पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत की सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि 31 जुलाई तक उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो उग्र आंदोलन होगा।

अरविंद केजरीवाल का मानना है कि दिल्ली और पंजाब की तर्ज पर गोवा के आम नागरिकों को भी सस्ती और निर्बाध बिजली पाने का पूरा हक है। आम आदमी पार्टी ने इस बिजली संकट से निपटने और उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देने के लिए सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं।

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ये हैं ‘आप’ की तीन सबसे बड़ी मांगें

पार्टी की पहली मांग है कि हर घरेलू बिजली उपभोक्ता को प्रति माह 300 यूनिट मुफ्त बिजली प्रदान की जाए। दूसरी मांग के तहत 15 जून तक के सभी पुराने और विवादित बिजली बिलों को तत्काल प्रभाव से पूरी तरह माफ किया जाए। तीसरी मांग पूरे राज्य में 24 घंटे निर्बाध बिजली देना है।

आम आदमी पार्टी का कहना है कि यदि दिल्ली और पंजाब जैसे विशाल राज्यों में मुफ्त बिजली देना संभव है, तो गोवा जैसे छोटे राज्य में यह बहुत आसानी से लागू हो सकता है। इसके लिए बस एक मजबूत और ईमानदार प्रशासनिक इच्छाशक्ति की सख्त जरूरत है।

बिजली कटौती के आंकड़ों ने बढ़ाई सरकार की मुश्किलें

आप नेताओं ने राज्य में बिजली प्रबंधन की बड़ी कमियों को उजागर करने के लिए आधिकारिक आंकड़े पेश किए हैं। अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि जनवरी 2024 से मई 2025 के बीच गोवा में लगभग 19,000 बार अघोषित बिजली कटौती दर्ज की गई है, जो बेहद शर्मनाक है।

इस लगातार बिजली कटौती के कारण आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ छोटे उद्योगों को भी भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। बिजली विभाग इस गंभीर समस्या का कोई ठोस समाधान निकालने में अब तक पूरी तरह नाकाम साबित हुआ है, जिससे जनता परेशान है।

स्थानीय नेताओं ने संभाला मोर्चा, युवाओं से की अपील

गोवा से ‘आप’ विधायक वेंज़ी विएगास ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने समय रहते कदम नहीं उठाए, तो वे जनता के साथ सड़कों पर उतरेंगे। उन्होंने राज्य के युवाओं और विपक्षी नेताओं से इस हक की लड़ाई की मुहिम में बढ़-चढ़कर शामिल होने की भावुक अपील की है।

वहीं, आप के प्रदेश अध्यक्ष अमित पालेकर ने भी मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के ढुलमुल रवैये की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि सरकार केवल खोखले आश्वासन दे रही है, जबकि जमीन पर कोई आधिकारिक फैसला नहीं हुआ है। अब उपभोक्ता ठोस बदलाव चाहते हैं।

Author: Vikram Naik

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