Kullu News: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के अंतर्गत आने वाले बंजार क्षेत्र में विकास कार्यों की अनदेखी को लेकर सियासत गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी मंडल बंजार ने डॉ. भीमराव अंबेडकर भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
स्थानीय विधायक सुरेंद्र शौरी के नेतृत्व में एकत्रित हुए भाजपा कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र की गंभीर जनसमस्याओं को लेकर जमकर नारेबाजी की। इस राजनीतिक विरोध प्रदर्शन में स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों सहित भारी संख्या में सक्रिय कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने एसडीएम के माध्यम से सरकार को एक मांग पत्र भी सौंपा।
राष्ट्रीय राजमार्ग-305 की बदहाली और शिक्षकों की कमी पर उठाए सवाल
इस विरोध बैठक में क्षेत्र की खस्ताहाल सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्ग-305 पर काफी समय से बंद पड़े टारिंग कार्य का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। इसके अलावा बंजार महाविद्यालय में प्रोफेसर और शिक्षकों के खाली पदों तथा नागरिक अस्पताल के नए भवन का निर्माण कार्य रुकने पर भी गहरी चिंता जताई गई।
विधायक सुरेंद्र शौरी ने कहा कि बंजार की जनता लंबे समय से अपनी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार नए विकास कार्यों को गति देने के बजाय उन्हें ठंडे बस्ते में डाल रही है। बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर ठप होने से स्थानीय व्यापारियों और पर्यटकों को भारी नुकसान हो रहा है।
मयाड़ घाटी में पुल गिरने की घटना पर फूटा युवाओं का गुस्सा
दूसरी तरफ जिला लाहुल-स्पीति की मयाड़ घाटी के युवाओं ने भी बुनियादी समस्याओं को लेकर मोर्चा खोल दिया है। स्थानीय युवाओं ने क्षेत्र की बदहाल सड़कों, क्षतिग्रस्त पुलों और खराब मोबाइल इंटरनेट सेवाओं के विरोध में स्थानीय विधायक अनुराधा राणा को एक आधिकारिक ज्ञापन सौंपकर अपनी नाराजगी जाहिर की है।
युवाओं ने अपने मांग पत्र में प्रशासन को इन समस्याओं को सुलझाने के लिए स्पष्ट रूप से 15 दिनों का कड़ा अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि घाटी में एक निर्माणाधीन पुल उद्घाटन से पहले ही गिर गया, जो सीधे तौर पर भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल को दर्शाता है।
इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क न होने से ऑनलाइन पढ़ाई हो रही प्रभावित
मयाड़ घाटी के युवाओं का कहना है कि आज के डिजिटल युग में भी उनके क्षेत्र में मोबाइल और इंटरनेट नेटवर्क की स्थिति अत्यंत दयनीय बनी हुई है। इससे स्कूली विद्यार्थियों की ऑनलाइन पढ़ाई, जरूरी सरकारी डिजिटल सेवाएं और किसी भी तरह का आपातकालीन संपर्क सिस्टम पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है।
खराब सड़कों के कारण मरीजों, गर्भवती महिलाओं और छोटे स्कूली बच्चों को हर दिन बेहद कष्टदायक सफर करना पड़ता है। आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं से लोगों में भारी आक्रोश है। युवाओं ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।

