Una News: हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के अंतर्गत आती ग्राम पंचायत चुरुरू के वार्ड-1 में गारनी खड्ड स्थित रेलवे पुल के पास एक बड़ा प्रशासनिक निरीक्षण किया गया। जिला बाढ़ नियंत्रण बोर्ड के आला अधिकारियों ने शनिवार को खड्ड के क्षतिग्रस्त तटबंध का बारीकी से जायजा लिया।
अधिकारियों ने पिछले साल पानी के तेज बहाव और अत्यधिक देरी से हुए अवैध खनन के कारण तटबंध को पहुंची भारी क्षति का विस्तृत तकनीकी आकलन किया। इस मौके पर स्थानीय ग्रामीणों और पीड़ित किसानों ने भी सरकारी टीम के सामने अपनी गंभीर समस्याएं रखीं।
ग्राम पंचायत उपप्रधान के आग्रह पर पहुंचे सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारी
चुरुरू पंचायत के उपप्रधान जगपाल जसवाल के विशेष आग्रह पर अधिशाषी अभियंता पंकज धीमान, सहायक अभियंता नीरज कुमार और कनिष्ठ अभियंता तिलक राज तुरंत प्रभावित क्षेत्र में पहुंचे। इंजीनियरिंग टीम ने मानसून के मौसम को देखते हुए पानी के तेज बहाव को नियंत्रित करने का प्लान बनाया।
विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि रेलवे ट्रैक और तटबंध की पुख्ता सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम शीघ्र उठाए जाएंगे। प्रशासन इस गंभीर समस्या के स्थायी तकनीकी समाधान के लिए बजट का प्रावधान कर प्राथमिकता के आधार पर विकास कार्य करवाने का पूरा प्रयास करेगा।
समय रहते सुरक्षा कार्य न होने से रेलवे ट्रैक को हो सकता है भारी नुकसान
स्थानीय किसानों ने चिंता जताते हुए कहा कि यदि समय रहते सुरक्षात्मक दीवार नहीं बनाई गई, तो आगामी भारी बारिश में उनके उपजाऊ खेतों, महत्वपूर्ण रेलवे पुल और अन्य सरकारी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने प्रशासन से जल्द मरम्मत कार्य शुरू करने की गुहार लगाई।
उपप्रधान जगपाल जसवाल ने प्रभावित स्थल पर आकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के लिए जिला बाढ़ नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों का धन्यवाद किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि सिंचाई विभाग गारनी खड्ड के जल बहाव को नियंत्रित कर क्षेत्र को तबाही से बचाने के लिए प्रभावी कदम उठाएगा।
