AI and Cyber Security Course: क्या बिहार के छात्रों की बदलेगी किस्मत? सी-डैक और यूनिवर्सिटी में हुआ बड़ा समझौता

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Patna News: बिहार के युवाओं के लिए तकनीकी शिक्षा और करियर के क्षेत्र में एक सुनहरा अवसर सामने आया है। सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग यानी सी-डैक पटना ने तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एसबीयू के साथ एक बड़ा समझौता करने का फैसला किया है। इस साझेदारी से राज्य में आधुनिक शिक्षा का नया दौर शुरू होगा।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सिक्योरिटी पर विशेष ध्यान

दोनों बड़े संस्थान मिलकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, एडवांस्ड कंप्यूटिंग और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी आधुनिक तकनीकों पर काम करेंगे। इस महत्वपूर्ण पार्टनरशिप को लेकर यूनिवर्सिटी कैंपस में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भविष्य की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की।

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इस विशेष बैठक में कुलपति प्रो. सी. जगनाथन और कुलसचिव प्रो. श्रीधर डांडिन मौजूद रहे। वहीं सी-डैक की तरफ से सेंटर हेड अभिनव दीक्षित और साकेत कुमार झा ने हिस्सा लिया। दोनों तकनीकी संस्थानों ने शिक्षा, तकनीकी विकास और नए रिसर्च प्रोजेक्ट्स को मिलकर आगे बढ़ाने पर अपनी अंतिम सहमति जताई है।

यूनिवर्सिटी के छात्रों को मिलेंगे करियर के बेहतरीन अवसर

इस नए समझौते का सीधा फायदा यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे स्टूडेंट्स को मिलेगा। छात्रों को अब एडवांस्ड टेक्नोलॉजी, रिसर्च और स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र में आगे बढ़ने के बेहतरीन मौके मिलेंगे। इसके अलावा उन्हें इंडस्ट्री के लाइव प्रोजेक्ट्स, इंटर्नशिप और प्रोफेशनल ट्रेनिंग प्रोग्राम्स का हिस्सा बनने का भी अवसर प्राप्त होगा।

सी-डैक अपने अलग-अलग सेंटर्स के जरिए विद्यार्थियों को प्रैक्टिकल नॉलेज और हैंड्स-ऑन लर्निंग की सुविधा देगा। इससे छात्रों को सीधे तौर पर इंडस्ट्री का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा। यह ट्रेनिंग विद्यार्थियों की एम्प्लॉयबिलिटी को बढ़ाएगी, जिससे देश और दुनिया की बड़ी कंपनियों में उनके शानदार करियर का रास्ता साफ होगा।

नेशनल लेवल प्रोजेक्ट्स से जुड़ने का सुनहरा मौका

इस पार्टनरशिप के जरिए प्रतिभावान छात्रों को नेशनल लेवल के बड़े टेक्नोलॉजी प्रोजेक्ट्स से सीधे जुड़ने का सौभाग्य मिलेगा। संस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों ने इसे छात्रों के भविष्य के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि यह प्रयास युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में गेम चेंजर साबित होगा।

विश्वविद्यालय के प्रतिकुलाधिपति बिजय कुमार दलान और महानिदेशक प्रो. गोपाल पाठक ने खुशी जाहिर की है। साथ ही राज्यसभा सांसद सह निदेशक डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने भी इसे सराहा है। उनके मुताबिक यह ऐतिहासिक कोलैबोरेशन राज्य में टेक्नोलॉजी, रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में नए कीर्तिमान और बेंचमार्क स्थापित करेगा।

Author: Mohit

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