सीबीएसई 12वीं के पुनर्मूल्यांकन में गड़बड़ी पर शिक्षा मंत्रालय सख्त, तकनीकी खामी से ज्यादा कटे पैसे तुरंत होंगे वापस

Delhi News: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने रविवार को 12वीं कक्षा के पुनर्मूल्यांकन को लेकर बड़ा फैसला लिया है। बोर्ड ने कहा कि स्क्रूटनी प्रक्रिया के दौरान तकनीकी दिक्कतों से जिन छात्रों से अधिक शुल्क वसूल हुआ है, उन्हें पूरी अतिरिक्त राशि वापस की जाएगी।

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इस गंभीर मामले पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सीबीएसई प्रशासन से उन सभी शिकायतों पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है, जिनमें छात्र-छात्राओं और अभिभावकों ने ऑनलाइन पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान सर्वर डाउन होने और तकनीकी गड़बड़ियों की शिकायतें की थीं।

तकनीकी समस्याओं के कारण फीस पेमेंट में बड़ी गड़बड़ी

सीबीएसई ने एक आधिकारिक नोटिस जारी कर माना कि 21 और 22 मई को उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी के लिए आवेदन करते समय कुछ तकनीकी समस्याएं आई थीं। इस वजह से ऑनलाइन पेमेंट गेटवे में शुल्क संबंधी कई त्रुटियां सामने आई थीं।

बोर्ड ने स्पष्ट किया कि कुछ विद्यार्थियों के खातों से तय फीस से अधिक राशि कट गई, जबकि कुछ मामलों में कम शुल्क जमा हुआ। जिन छात्रों ने अधिक भुगतान किया है, उन्हें अतिरिक्त पैसा उसी बैंक खाते या माध्यम में वापस भेजा जाएगा जिससे उन्होंने फीस चुकाई थी।

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कम शुल्क देने वाले छात्रों को अलग से सूचना देगा बोर्ड

इसके विपरीत जिन मामलों में तकनीकी खामी के कारण विद्यार्थियों से कम शुल्क लिया गया है, उन्हें बिल्कुल भी घबराने की जरूरत नहीं है। बोर्ड उन विद्यार्थियों को शेष बकाया राशि ऑनलाइन माध्यम से दोबारा जमा करने के बारे में अलग से ईमेल या नोटिफिकेशन जारी करेगा।

बोर्ड ने परेशान छात्रों को बड़ी राहत देते हुए साफ किया कि सभी प्रभावित विद्यार्थियों को मूल्यांकित उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी हर हाल में उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए छात्रों को दोबारा नया आवेदन फॉर्म भरने या परेशान होने की कोई जरूरत नहीं होगी।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने तकनीकी खामियों पर लिया संज्ञान

सूत्रों के मुताबिक, बीते बुधवार को ही शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सर्वर क्रैश होने, पेमेंट फेल होने और पूरी ऑनलाइन प्रक्रिया में आई दिक्कतों का संज्ञान लिया था। बोर्ड ने सभी शिकायतों की गहराई से जांच करने और भविष्य में तकनीकी सुधार करने का भरोसा दिया है।

इस फैसले से परीक्षा परिणाम के बाद अंकों में सुधार की उम्मीद लगाए बैठे हजारों छात्रों और उनके अभिभावकों ने बड़ी राहत की सांस ली है। बोर्ड अब अपने ऑनलाइन सिस्टम को दुरुस्त कर रहा है ताकि दोबारा ऐसी असहज करने वाली त्रुटियां न दोहराई जा सकें।

Author: Rashmi Sharma

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