9 दिन कोमा, 8 सर्जरी और फिर वापसी: चाय वाले के बेटे ने 50 गेंदों में तोड़ा क्रिस गेल का ‘महा-रिकॉर्ड’

- Advertisement -

Himachal News: हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के एक छोटे से गांव जुम्हार के रहने वाले अजय शर्मा ने इतिहास रच दिया है। मौत को मात देकर लौटे अजय ने इंडिया पैरा क्रिकेट में एक ऐसा स्वर्णिम पन्ना जोड़ा है, जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में खेले गए जोनल क्रिकेट टूर्नामेंट में अजय ने तूफानी बल्लेबाजी की। उन्होंने महज 50 गेंदों में नाबाद 176 रन ठोक डाले। इस ऐतिहासिक पारी के साथ अजय ने टी-20 क्रिकेट में ‘यूनिवर्स बॉस’ क्रिस गेल का सालों पुराना वर्ल्ड रिकॉर्ड पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है।

50 गेंदों में 176 रन, जड़े 19 गगनचुंबी छक्के

विशाखापट्टनम में देश के पांच जोन के बीच यह बड़ा टूर्नामेंट हो रहा है। सैंट्रल जोन के खिलाफ 15 ओवर के मैच में अजय शर्मा ने तबाही मचा दी। उन्होंने अपनी 176 रन की नाबाद पारी में 19 गगनचुंबी छक्के और 12 शानदार चौके जड़े। अजय ने अपना शतक पूरा करने के लिए सिर्फ 28 गेंदें खेलीं। इसी के साथ उन्होंने क्रिस गेल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। गेल ने आईपीएल 2013 में पुणे वॉरियर्स के खिलाफ 50 गेंदों में 175 रन बनाए थे। हिमाचल प्रदेश दिव्यांग क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष कुलदीप ठाकुर ने अजय की इस महान उपलब्धि पर भारी खुशी जताई है।

- Advertisement -

पिता की चाय की रेहड़ी और वो खौफनाक हादसा

अजय के लिए इस मुकाम तक पहुंचना बिल्कुल आसान नहीं था। बचपन से ही क्रिकेट के जुनूनी अजय अंडर-16 और अंडर-19 खेल चुके थे। एक दिन वह अपने पिता की चाय की रेहड़ी पर तिरपाल और पानी ठीक कर रहे थे। तभी वह हाई वोल्टेज बिजली की तारों की चपेट में आ गए। करंट इतना तेज था कि तारों ने उन्हें छह फुट दूर से खींच लिया। अजय बेहोश हो गए और लगातार नौ दिन तक कोमा में जिंदगी और मौत से लड़ते रहे। हालत बिगड़ने पर उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया, जहां उनकी 8 गंभीर सर्जरी हुईं।

15 लाख का कर्ज, डिप्रेशन और फिर से मैदान पर वापसी

अजय की जान बचाने के लिए उनके चाय बेचने वाले पिता ने बैंक से लोन लिया और लोगों से उधार मांगा। इलाज में 15 लाख रुपये से ज्यादा खर्च हुए। तीन साल की कड़ी मेहनत के बाद अजय चलने-फिरने लायक हुए, लेकिन उनका शरीर पहले जैसा नहीं रहा। क्रिकेट छूटने के भारी गम में वह करीब एक साल तक गहरे डिप्रेशन में रहे। परिवार और विशेषकर बड़े भाई नितिन शर्मा के सपोर्ट ने उन्हें कभी टूटने नहीं दिया। अजय ने मैदान पर दोबारा पसीना बहाया। अपनी कामयाबी का श्रेय वह कोच योगराज सिंह, माता-पिता और भाई को देते हैं। अजय अब तक 15 से ज्यादा नेशनल टूर्नामेंट खेल चुके हैं और इंडिया ए टीम का हिस्सा भी रहे हैं।

- Advertisement -

बड़ी खबरें

Topics

Related Articles