Himachal Pradesh News: कांगड़ा जिले के डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा के विभिन्न वार्डों में मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यहां वार्डों में दो-दो शौचालय बनाए गए हैं, लेकिन लगभग एक-एक शौचालय बंद होने के कारण लोग बेहद परेशान हैं।
एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे विभाग, कोई नहीं ले रहा जिम्मेदारी
अस्पताल परिसर में इन शौचालयों के बंद होने के लिए कोई भी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। लोक निर्माण विभाग का कहना है कि यह शौचालय सफाई कर्मियों ने बंद किए हैं। वहीं, सफाई कर्मी इसका दोष वार्ड सिस्टर पर मढ़ रहे हैं। सभी विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं।
चौथी और तीसरी मंजिल पर शौचालयों में जड़े ताले
अस्पताल की चौथी मंजिल पर स्थित मेडिसिन व सर्जरी विभाग और तीसरी मंजिल पर महिला व पुरुष शौचालयों में ताले लटके हुए हैं। स्टाफ या सफाई कर्मियों द्वारा दूसरा शौचालय इसलिए बंद रखा गया है ताकि लोग दोनों का प्रयोग न कर सकें। इस वजह से मरीजों को लंबी लाइनों में लगना पड़ता है।
लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी पानी की लीकेज जारी
वार्ड में भर्ती मरीजों के परिजनों ने बताया कि शौचालयों से इतनी बदबू आती है कि वहां बैठना भी दूभर हो गया है। हाल ही में प्रदेश सरकार ने इन शौचालयों की मरम्मत और लीकेज ठीक करने के लिए लाखों रुपये खर्च किए थे। इसके बावजूद पानी की लीकेज की समस्या जस की तस बनी हुई है।
जल्द खुलवाए जाएंगे शौचालय, ठेकेदार पर होगी कार्रवाई
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता रत्न चंद धीमान ने बताया कि शौचालय बिल्कुल सही स्थिति में हैं और इन्हें आज ही खुलवाया जाएगा। उधर, चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर विवेक वनियाल ने कहा कि उनके पास ऐसी कोई शिकायत नहीं आई थी, फिर भी वे तुरंत जांच करवाकर बंद शौचालयों को खुलवाएंगे।

