हिमाचल में टली एचआरटीसी कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल, सरकार के साथ सफल मीटिंग के बाद सामान्य रूप से चलेंगी सभी बसें

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Himachal News: हिमाचल प्रदेश में राज्य परिवहन निगम के ड्राइवरों और कंडक्टरों की प्रस्तावित हड़ताल देर रात टल गई है। अतिरिक्त मुख्य सचिव और कर्मचारी यूनियन के बीच हुई मीटिंग पूरी तरह सफल रही। सरकार ने कर्मचारियों की मांगों को मान लिया है। इसके बाद यूनियन ने चक्का जाम का अपना बड़ा फैसला तुरंत वापस ले लिया।

उप-मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सोशल मीडिया पर इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बातचीत से सभी समस्याओं का समाधान निकल गया है। गुरुवार सुबह से प्रदेश में बस सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी। इससे ऐन वक्त पर बसों के पहिए थमने का बड़ा खतरा पूरी तरह से टल गया है।

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ड्राइवरों और कंडक्टरों के ट्रांसफर ऑर्डर होंगे रद्द

मीटिंग में कर्मचारियों के हालिया ट्रांसफर को लेकर गंभीर चर्चा हुई। यूनियन ने आरोप लगाया था कि कई ड्राइवरों और कंडक्टरों का ट्रांसफर नियमों के खिलाफ हुआ है। सरकार ने इन सभी मामलों की समीक्षा करने का वादा किया है। अगले एक से दो दिनों में इन ट्रांसफर ऑर्डर को वापस ले लिया जाएगा।

इसके साथ ही कर्मचारियों के पेंडिंग नाइट ओवरटाइम भुगतान पर भी सहमति बनी है। कर्मचारी पिछले 12 महीनों के नाइट भत्ते की मांग कर रहे थे। सरकार ने आश्वासन दिया है कि लगभग 25 करोड़ रुपये की इस देनदारी को जल्द चुकाया जाएगा। हर महीने किस्तों में सैलरी के साथ यह एरियर मिलता रहेगा।

सख्त रुख के बाद बैकफुट पर आई यूनियन

इससे पहले परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कड़ा रुख अपनाया था। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि बसें नहीं चलानी हैं तो चाबियां सौंप दें। सरकार ने वैकल्पिक व्यवस्था के लिए 31 डिपो में 656 अस्थायी ड्राइवरों के इंटरव्यू भी शुरू कर दिए थे। इन नए ड्राइवरों को प्रतिदिन 1500 रुपये मानदेय मिलना था।

सरकार की इस ठोस तैयारी के कारण ही दोनों पक्षों के बीच वार्ता सफल रही। हिमाचल में इस समय पीक टूरिज्म सीजन चल रहा है। हड़ताल होने से लगभग पांच लाख दैनिक यात्रियों और पर्यटकों को भारी मुसीबत उठानी पड़ती। अब बस सेवाएं सुचारू रहने से लोगों और पेंशनर्स ने बड़ी राहत ली है।

परिवहन निगम के कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि बुधवार रात को ही सैलरी से जुड़ा बड़ा फैसला भी हुआ। सरकार अब प्रत्येक महीने की पहली तारीख को ही वेतन का भुगतान करेगी। इससे पहले कर्मचारियों को सैलरी मिलने में अक्सर देरी हो जाती थी, जिससे उनका घरेलू बजट बिगड़ जाता था।

इस बीच एचआरटीसी पेंशनर्स एसोसिएशन ने भी पूरी तरह से वर्किंग कमेटी के इस आंदोलन का खुला समर्थन किया था। पेंशनर्स भी अपनी पुरानी देनदारियों के भुगतान को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। हालांकि, देर रात सरकार की सकारात्मक पहल के बाद सभी संगठनों ने आंदोलन स्थगित कर दिया है।

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