Shimla News: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक बेहद सराहनीय पहल की गई है। यहां के हरियाणा अतिथि गृह में विख्यात पर्यावरण प्रेमी त्रिवेणी बाबा के पावन सान्निध्य में एक विशेष पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान वरिष्ठ पत्रकार संजय भुटानी ने अपनी धर्मपत्नी के साथ मिलकर त्रिवेणी का रोपण किया।
संजय भुटानी ने देवभूमि से दिया शुद्ध पर्यावरण का संदेश
मीडिया वेलबीइंग एसोसिएशन के नॉर्थ इंडिया सीनियर वाइस प्रेसिडेंट संजय भुटानी ने इस मौके पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि देवभूमि हिमाचल प्रदेश पूरे देश को शुद्ध और स्वच्छ पर्यावरण का एक बेहतरीन संदेश देती है। इस पवित्र भूमि पर त्रिवेणी यानी बरगद, पीपल और नीम का पौधा रोपित करना उनके लिए बड़े सौभाग्य की बात है।
वरिष्ठ पत्रकार ने आगे कहा कि धरती को हरा-भरा बनाना और पर्यावरण को बचाना हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने जीवन में ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाएं। यह पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी कदम है। इस अवसर पर अतिथि गृह के कई कर्मचारी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
त्रिवेणी बाबा ने पर्यटकों से की पौधा साथ लाने की अपील
इस पावन अवसर पर विख्यात त्रिवेणी बाबा ने देश-विदेश से आने वाले सभी पर्यटकों से एक बेहद भावुक अपील की है। उन्होंने कहा कि शिमला आने वाले सैलानी अपने साथ कम से कम एक पौधा जरूर लेकर आएं। वे इस पौधे को देवभूमि की मिट्टी में रोपित करें ताकि हमारी आने वाली पीढ़ी भी प्रकृति का आनंद ले सके।
त्रिवेणी बाबा पिछले 35 वर्षों से लगातार पर्यावरण बचाने के जुनून में दिन-रात जुटे हुए हैं। उन्होंने संपूर्ण भारत में अब तक जन-सहयोग के माध्यम से करीब 5 लाख त्रिवेणी और 50 लाख से अधिक पौधे लगाए हैं। उनका मुख्य लक्ष्य एक करोड़ पौधे लगाकर इस अभियान को एक बड़ी ग्लोबल पहचान दिलाना है।
प्रकृति को बचाने के लिए त्रिवेणी बाबा के पांच मूल मंत्र
त्रिवेणी बाबा का दृढ़ विश्वास है कि यदि हर नागरिक अपने जीवन में पांच छोटे संकल्प ले ले, तो प्रकृति को पूरी तरह सुरक्षित किया जा सकता है। पहला संकल्प हर व्यक्ति अपने जन्मदिन पर पेड़ लगाए। दूसरा पानी का सदुपयोग करे। तीसरा प्लास्टिक छोड़कर कपड़े या जूट के थैले अपनाए। चौथा बिजली की बचत करे और पांचवा भोजन बर्बाद न करे।
Author: Sunita Gupta

