Mandi News: बालीचौकी में करोड़ों की लागत से बना अस्पताल भवन सफेद हाथी साबित, शुरू न होने पर भड़की जनता

Mandi News: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के दुर्गम क्षेत्र बालीचौकी में करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित आधुनिक अस्पताल भवन आज भी शुरू होने का इंतजार कर रहा है। सरकारी उदासीनता और स्वास्थ्य विभाग की बड़ी अनदेखी के कारण यह करोड़ों की सार्वजनिक संपत्ति अब धीरे-धीरे खंडहर में तब्दील हो रही है।

- Advertisement -

अस्पताल भवन का लंबे समय से उपयोग न होने के कारण स्थानीय लोगों में भारी रोष व्याप्त है। बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में क्षेत्र की जनता को इलाज के लिए आज भी कड़ा संघर्ष करना पड़ रहा है। बालीचौकी कई दूरदराज और ऊंचाई वाले ग्रामीण इलाकों का मुख्य केंद्र माना जाता है।

आपातकालीन स्थिति में बड़े शहरों का सफर तय करने को मजबूर मरीज

इस दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं और गर्भवती महिलाओं की आपात स्थिति में लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। गंभीर बीमारियों के मामलों में स्थानीय लोग बेहतर उपचार के लिए मंडी या कुल्लू जैसे बड़े शहरों के क्षेत्रीय अस्पतालों तक लंबा सफर तय करने के लिए मजबूर हैं।

खराब भौगोलिक परिस्थितियों और समय पर प्राथमिक इलाज न मिलने के कारण कई गंभीर मरीज रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। हाल ही में कुल्लू अस्पताल में डिलीवरी के दौरान हुई एक बेकसूर महिला की मौत इसका सबसे बड़ा और जीता जागता उदाहरण है, जिससे लोग बेहद दुखी हैं।

- Advertisement -

बरसात के दिनों में बंद होती हैं सड़कें और डॉक्टरों की भारी कमी

ग्रामीणों का सवाल है कि जब नया अस्पताल भवन पूरी तरह तैयार है, तो इसे जनता के लिए क्यों नहीं खोला जा रहा है। मानसून के दिनों में सड़कें बंद होने पर स्थिति और भी भयावह हो जाती है। मौजूदा स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों और नर्सों की भारी कमी है।

आपातकालीन परिस्थितियों में स्थानीय पुलिस कर्मचारियों को भी छोटी सी मेडिकल औपचारिकता के लिए दूसरे बड़े अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है। इस गंभीर मुद्दे को लेकर प्रखर राष्ट्र सेविका एवं हिंदू तन-मन धार्मिक संस्था देवभूमि हिमाचल प्रदेश की प्रांत संयोजिका नीलम ठाकुर लगातार आवाज उठा रही हैं।

मांगों को पूरा न करने पर जनता ने दी उग्र जन आंदोलन की चेतावनी

संस्था की प्रांत संयोजिका नीलम ठाकुर ने क्षेत्रवासियों के साथ मिलकर अस्पताल को शीघ्र संचालित करने की मांग तेज कर दी है। इसके तहत उन्होंने जनता के सहयोग से एक व्यापक हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है। इस मांग पत्र पर शुक्रवार को सैकड़ों प्रबुद्ध नागरिकों ने अपने हस्ताक्षर किए।

यह जन अभियान लगातार जारी है और सोमवार को एसडीएम बालीचौकी के माध्यम से प्रदेश सरकार को एक आधिकारिक ज्ञापन सौंपा जाएगा। स्थानीय जनता ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया, तो क्षेत्रवासी जल्द ही एक बड़ा जन आंदोलन शुरू करेंगे।

- Advertisement -

बड़ी खबरें

Topics

Related Articles