हिमाचल प्रदेश में मानसून की दस्तक से भारी तबाही, छह लोगों की मौत, चंबा में फंसे 30 श्रद्धालु

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Himachal Pradesh Weather: हिमाचल प्रदेश में मानसून की जोरदार एंट्री होते ही पूरे प्रदेश में आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश, लैंडस्लाइड और विभिन्न सड़क हादसों के कारण अब तक छह लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। कई जिलों में बिजली और सड़क संपर्क टूट गया है।

मौसम विभाग की चेतावनी के बीच चंबा जिले के भरमौर-चंबा मुख्य मार्ग पर दिनका घार के पास भारी मलबा गिर गया है। इसके चलते यह महत्वपूर्ण मार्ग पूरी तरह बंद हो चुका है। सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई हैं, जिससे राहगीर परेशान हैं।

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कुल्लू और चंबा सहित कई जिलों में सड़कें बंद

राज्य आपदा प्रबंधन केंद्र की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेशभर में करीब 35 महत्वपूर्ण सड़कें पूरी तरह ठप हैं। मानसून की इस पहली बारिश से सबसे अधिक प्रभावित कुल्लू जिला हुआ है, जहां 18 सड़कें बंद हैं। इसके अलावा सोलन और चंबा जिलों में भी 12-12 सड़कें पूरी तरह प्रभावित हुई हैं।

लोक निर्माण विभाग की विभिन्न टीमें प्रभावित क्षेत्रों में सड़कें खोलने के लिए लगातार बहाली कार्य में जुटी हुई हैं। बारिश के चलते राज्य में बिजली वितरण ट्रांसफार्मर भी बड़े पैमाने पर खराब हुए हैं। पूरे प्रदेश में 127 ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं, जिनमें अकेले कुल्लू में 86 ट्रांसफार्मर शामिल हैं।

हादसों में छह मौतें और लाखों का आर्थिक नुकसान

आपदा से जुड़े अलग-अलग हादसों में कांगड़ा जिले में करंट लगने, आकाशीय बिजली गिरने से तीन लोगों की जान गई है। वहीं मंडी जिले में पहाड़ी से भारी पत्थर गिरने से एक महिला की मौत हुई थी। इसके अलावा किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों में सड़क हादसों में दो लोगों की जान चली गई।

शुरुआती सरकारी आकलन के अनुसार इस प्राकृतिक आपदा से राज्य को करीब 44.40 लाख रुपये का बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। इसमें सबसे ज्यादा नुकसान अकेले कांगड़ा जिले में दर्ज हुआ है, जहां लगभग 16 लाख रुपये की भारी क्षति का अनुमान लगाया गया है। प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए है।

चंबा के भरमौर में पुल टूटने से फंसे श्रद्धालु

इस बीच चंबा के भरमौर क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां बड़ग्रां के आगे स्थित एक स्थानीय मंदिर के पास अचानक लकड़ी का अस्थाई पुल टूटने से करीब 25 से 30 श्रद्धालु फंस गए हैं। आपदा प्रबंधन की टीम ने सूचना मिलते ही तुरंत बड़ा सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है।

पर्वतारोहण संस्थान, लोक निर्माण विभाग और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम मौके पर रेस्क्यू कार्य में जुटी हुई है। इसके साथ ही राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी एनडीआरएफ की स्पेशल टीम भी रवाना हो चुकी है। प्रशासन ने फंसे हुए सभी श्रद्धालुओं के लिए भोजन और रहने की सुरक्षित व्यवस्था की है।

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