New Delhi News: रात के समय पैरों में अचानक होने वाला दर्द और ऐंठन किसी बड़ी बीमारी का संकेत हो सकता है। यह सिर्फ दिनभर की थकान नहीं होती है। डॉक्टरों के अनुसार, यह नसों की कमजोरी या शरीर में मिनरल्स की भारी कमी का लक्षण है। समय पर इसका सही इलाज न करने से परेशानी काफी बढ़ सकती है।
पैरों तक खून का प्रवाह सही तरीके से न होने पर दर्द की समस्या तेजी से बढ़ती है। नसों पर ज्यादा दबाव पड़ना या नसों का कमजोर होना इसका मुख्य कारण है। डायबिटीज के मरीजों में न्यूरोपैथी की वजह से भी रात में मांसपेशियां सिकुड़ने लगती हैं। इससे व्यक्ति को अचानक बहुत तेज दर्द का अहसास होता है।
नसों से जुड़ी गंभीर बीमारियों को समय रहते पहचानना बहुत जरूरी है। पैरों में लगातार झनझनाहट महसूस होना एक बड़ा संकेत है। इसके अलावा पैरों का सुन्न पड़ जाना, तलवों में जलन होना या चुभन महसूस होना भी नसों की कमजोरी दर्शाता है। इन लक्षणों को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। तुरंत चिकित्सीय सलाह लेना फायदेमंद है।
शरीर में पोषक तत्वों की कमी से ऐंठन
शरीर में मैग्नीशियम, कैल्शियम या पोटैशियम जैसे जरूरी तत्वों की कमी ऐंठन बढ़ाती है। अत्यधिक पसीना आने या डिहाइड्रेशन के कारण मिनरल असंतुलन पैदा होता है। कई बार कुछ खास दवाओं के साइड इफेक्ट से भी यह स्थिति बनती है। बार-बार मांसपेशियों में तेज खिंचाव या कमजोरी महसूस होना इसी गंभीर असंतुलन का एक प्रमुख संकेत माना जाता है।
डॉक्टर की सलाह और बचाव के सही तरीके
अगर आपको रोज क्रैम्प्स आते हैं या पैरों का रंग बदल रहा है, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। डायबिटीज या थायरॉइड के मरीजों को ज्यादा सतर्क रहना चाहिए। दर्द से बचने के लिए सोने से पहले हल्की स्ट्रेचिंग जरूर करें। दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। अपनी रोजाना की डाइट में केला, ताज़ा दही और हरी सब्जियां जरूर शामिल करें।
Asha Thakur


