Health News: अमरूद भारत में सबसे अधिक पसंद किए जाने वाले फलों में से एक है। यह न केवल स्वाद में लाजवाब है, बल्कि सेहत के लिए भी वरदान माना जाता है। हालिया वैज्ञानिक शोधों से पता चला है कि अमरूद का रस शरीर में खून की कमी को दूर करने में बेहद मददगार साबित हो सकता है।
एनीमिया के मरीजों के लिए प्राकृतिक वरदान
चिकित्सा पत्रिका ‘बीएमजे न्यूट्रिशन, प्रिवेंशन एंड हेल्थ’ में प्रकाशित एक समीक्षा के अनुसार, अमरूद का रस शरीर में आयरन की कमी को दूर करता है। यह एनीमिया जैसी गंभीर समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए एक बेहतरीन प्राकृतिक विकल्प है। इसके नियमित सेवन से हीमोग्लोबिन का स्तर तेजी से सुधरता है।
क्या है एनीमिया और इसके लक्षण?
एनीमिया होने पर शरीर में पर्याप्त मात्रा में लाल रक्त कोशिकाएं या हीमोग्लोबिन नहीं बन पाता है। हीमोग्लोबिन कम होने से शरीर के अंगों तक ऑक्सीजन ठीक से नहीं पहुंचती। इसके कारण मरीज को लगातार थकान, कमजोरी, चक्कर आना और सांस फूलने जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
गर्भवती महिलाओं और किशोरियों को सबसे ज्यादा फायदा
इंडोनेशिया में हुए 17 अलग-अलग अध्ययनों के विश्लेषण में सामने आया कि आयरन सप्लीमेंट्स के साथ अमरूद का रस पीने वालों के हीमोग्लोबिन में बड़ा सुधार हुआ। इसके सेवन से गर्भवती महिलाओं में हीमोग्लोबिन औसतन 1.84 ग्राम प्रति डेसीलीटर और किशोरियों में 1.52 ग्राम प्रति डेसीलीटर तक बढ़ गया।
संतरे से चार गुना ज्यादा विटामिन सी
विशेषज्ञों के मुताबिक, अमरूद में संतरे की तुलना में लगभग चार गुना अधिक विटामिन सी पाया जाता है। विटामिन सी का मुख्य काम शरीर में आयरन के अवशोषण (Absorption) को बेहतर बनाना है। यही कारण है कि अमरूद का रस शरीर में जाते ही आयरन सप्लीमेंट्स के प्रभाव को दोगुना कर देता है।
पोषक तत्वों का खजाना है अमरूद
अमरूद के भीतर विटामिन सी के अलावा विटामिन ए, फोलेट, फाइबर और पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं। इसमें प्राकृतिक रूप से थोड़ी मात्रा में आयरन भी पाया जाता है। ये सभी पोषक तत्व मिलकर इंसान की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी को बहुत मजबूत बनाते हैं।
हल्के और मध्यम एनीमिया से पीड़ित मरीजों के लिए अमरूद का रस बेहद सस्ता और सुरक्षित घरेलू उपाय है। संतुलित आहार के साथ इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करने से पाचन तंत्र भी दुरुस्त रहता है। गंभीर रूप से खून की कमी का सामना कर रहे लोग डॉक्टर की सलाह पर इसका नियमित सेवन शुरू कर सकते हैं।
Asha Thakur


