Health News: आज की आधुनिक जीवनशैली में ज्यादातर लोगों का पूरा दिन कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बैठकर ही बीतता है। ईमेल, कॉल्स और डेडलाइन्स के बीच भागती इस जिंदगी में शारीरिक गतिविधि पूरी तरह खत्म हो चुकी है। यह आदत धीरे-धीरे आपको गंभीर बीमारियों की ओर धकेल रही है।
लगातार बैठना दिल की सेहत के लिए खतरा
डॉक्टरों के अनुसार, दफ्तर में लगातार बैठकर काम करने और काम के मानसिक दबाव से शरीर में स्ट्रेस हार्मोन तेजी से बढ़ते हैं। यह छिपा हुआ तनाव लंबे समय में आपके दिल की सेहत पर बेहद बुरा असर डालता है। इससे ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट अचानक बढ़ जाता है।
शरीर के इन शुरुआती संकेतों को न करें नजरअंदाज
डेस्क जॉब के कारण बार-बार थकान होना, सिरदर्द, हल्का सीने में दर्द या सांस फूलना जैसी परेशानियां होने लगती हैं। लोग अक्सर इसे सामान्य वर्क स्ट्रेस समझकर टाल देते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, ये लक्षण शरीर में पनप रही गंभीर बीमारियों की शुरुआती चेतावनी होते हैं।
हर घंटे लें छोटा ब्रेक और थोड़ी देर खड़े हों
अच्छी सेहत को बनाए रखने के लिए हर कुछ घंटों में कम से कम 30 मिनट से एक घंटे तक खड़े रहना जरूरी होता है। अपनी वर्क टेबल पर काम के बीच-बीच में खड़े होने से शरीर की अकड़न दूर होती है और ब्लड सर्कुलेशन में भी सुधार आता है।
कुर्सी पर बैठे-बैठे ही करें स्ट्रेचिंग
काम के दौरान अपने हाथ-पैरों में होने वाली झनझनाहट से बचने के लिए कुर्सी पर बैठे-बैठे ही स्ट्रेचिंग करें। अपनी बैक को स्ट्रेच करने या पैर की उंगलियों को छूने के लिए केवल 30 सेकंड का समय ही काफी होता है। इससे मांसपेशियों को तुरंत आराम मिलता है।
सीढ़ियों का इस्तेमाल और वीकेंड वॉक है जरूरी
ऑफिस में लिफ्ट की जगह नियमित रूप से सीढ़ियों का इस्तेमाल करने की आदत डालें। अपनी गाड़ी को बिल्डिंग से थोड़ी दूरी पर पार्क करें ताकि आपको पैदल चलने का मौका मिले। वीकेंड पर टीवी के सामने बैठने के बजाय पार्क में वॉक या रनिंग जरूर करें।
तनाव और मोटापे को दूर भगाएगा योग
आयुष मंत्रालय के अनुसार, डेस्क जॉब करने वालों के लिए पश्चिमोत्तासन करना बेहद फायदेमंद माना जाता है। यह आसन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है और मानसिक चिंता को कम करता है। इसे नियमित करने से पेट की चर्बी, मधुमेह और साइटिका जैसी समस्याओं में बड़ा लाभ मिलता है।
Asha Thakur


