Himachal News: हिमाचल प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस पर मुख्यमंत्री की वर्चुअल उपस्थिति में करोड़ों रुपये के मादक पदार्थ नष्ट किए गए। ‘एंटी-चिट्टा जन-आंदोलन’ के तहत पुलिस ने दर्जनों मुकदमों में जब्त किए गए भारी मात्रा में नशीले पदार्थों को भट्टी में जलाकर पूरी तरह भस्मीभूत कर दिया।
इस राज्य स्तरीय कार्रवाई के दौरान जिला पुलिस नूरपुर ने बहुत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने कुल 93 मामलों से जुड़े नशीले पदार्थों को पूरी तरह नष्ट किया। इसमें 9 किलो से अधिक चरस, 636 ग्राम चिट्टा और करीब 21 हजार से ज्यादा नशीली दवाइयां शामिल रहीं। नष्ट की गई इस खेप की अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 65 लाख रुपये आंकी गई है।
ड्रग माफिया के खिलाफ पुलिस की सख्त और निर्णायक कार्रवाई
पुलिस ने इस कार्रवाई के जरिए नशे के अवैध धंधे में लिप्त अपराधियों को कड़ा संदेश दिया है। एसपी नूरपुर इलमा अफरोज ने बताया कि इस अभियान का मकसद केवल माल का निपटारा करना नहीं है। पुलिस प्रशासन अंतरराज्यीय ड्रग माफिया और स्थानीय पेडलर्स को यह साफ बताना चाहता है कि देवभूमि में उनके काले साम्राज्य के लिए अब कोई जगह नहीं बची है।
इसी मुहिम के तहत नूरपुर पुलिस ने नशा प्रभावित 22 पंचायतों में विशेष बैठकों का आयोजन भी किया। इन बैठकों में सरकारी अधिकारियों और ग्राम प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इसका मुख्य एजेंडा राज्य सरकार की ‘शून्य सहनशीलता’ नीति को जमीन पर उतारना था। इसके अलावा सभी स्कूलों, कॉलेजों और दफ्तरों में युवाओं को नशे के खिलाफ एकजुट रहने की शपथ दिलाई गई।

