माइक्रोसॉफ्ट की नौकरी छोड़ी, ‘कुकू’ बनकर रचा इतिहास… कुब्रा सैत की कहानी जो हार मानना नहीं जानती

Entertainment News: ‘सेक्रेड गेम्स’ की कुकू हो या ‘द ट्रायल’ की सना शेख, कुब्रा सैत ने हर किरदार में अपनी जान फूंकी है। अब वह अपनी नई सीरीज ‘संकल्प’ में डीएसपी परवीन शेख के दमदार अवतार में नजर आ रही हैं। एक राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने वाली कुब्रा ने माइक्रोसॉफ्ट की शानदार नौकरी छोड़कर एक्टिंग की अनजान दुनिया चुनी थी। उन्होंने शुरुआत से ही अपने पास फेल होने का कोई विकल्प नहीं रखा। अपनी बिंदास एक्टिंग और बेबाक फैसलों की बदौलत आज वह बॉलीवुड में अपनी एक अलग और मजबूत पहचान बना चुकी हैं।

असुरक्षित महसूस करना भी एक ताकत है

कुब्रा का मानना है कि ऐसे जटिल और मजबूत किरदार निभाना उनके लिए किसी सौभाग्य से कम नहीं है। वह इन किरदारों से सीखती हैं कि सिर्फ ताकतवर दिखना ही असली मजबूती नहीं है। अंदर से टूटा हुआ और असुरक्षित महसूस करना भी एक तरह की बड़ी ताकत है। कुब्रा को लगता है कि उनके हर किरदार में उनके अपने व्यक्तित्व की कोई न कोई झलक जरूर होती है। दर्शक जब उनके निभाए किरदारों से खुद को जोड़ते हैं, तो उन्हें आगे और भी बेहतर काम करने की गहरी प्रेरणा मिलती है।

अपने लिए कभी नहीं रखा असफलता का विकल्प

निजी जिंदगी में भी कुब्रा सैत ने बेहद साहसिक फैसले लिए हैं। जब वह पहली बार मुंबई आईं, तो उनका एकमात्र लक्ष्य खुद को साबित करना था। उनके परिवार का अभिनय की दुनिया से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं था। वह माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी कंपनी की सुरक्षित नौकरी छोड़कर मायानगरी आई थीं। कुब्रा साफ कहती हैं कि उन्होंने अपने लिए फेल होने का कोई विकल्प ही नहीं रखा था। डर के साए में छिपकर जीने के बजाय उन्होंने संघर्ष की आग में कूदना और खुद को तपाना बेहतर समझा।

‘मैं कोनों में छिपकर बैठने के लिए नहीं बनी हूं’

कुब्रा की पहली फिल्म ‘रेडी’ बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान के साथ थी। इतने बड़े स्टार के सामने भी वह डरी या सहमी नहीं। वह सेट पर पूरे आत्मविश्वास के साथ मौजूद रहती थीं। कुब्रा बताती हैं कि वह बिना झिझक सलमान खान से भी उनके काम को लेकर कई सवाल पूछती थीं। उन्हें कभी ऐसा नहीं लगा कि इंडस्ट्री में नई होने के कारण उन्हें किसी कोने में चुपचाप बैठना चाहिए। उनका दृढ़ विश्वास है कि फिल्म इंडस्ट्री में खुद पर अटूट भरोसा होना ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।

जिंदगी को एक वीडियो गेम की तरह खेलती हैं

‘सेक्रेड गेम्स’ में एक ट्रांसजेंडर ‘कुकू’ का रोल करना किसी भी नई एक्ट्रेस के लिए आसान नहीं था। लेकिन जब अनुराग कश्यप ने उन्हें इस रोल का ऑफर दिया, तो उन्होंने तुरंत हां कह दी। कुब्रा 15 साल से इंडस्ट्री में सक्रिय हैं, लेकिन उन्हें मुख्य भूमिकाएं कम ही मिली हैं। हालांकि उन्हें इस बात का कोई मलाल नहीं है। कुब्रा जिंदगी को एक वीडियो गेम की तरह लेती हैं। वह मानती हैं कि अगर आप गेम का एक लेवल हार जाते हैं, तो आप खेलना नहीं छोड़ते। कोविड काल में उन्हें भी लगा था कि सब कुछ खत्म हो गया है, लेकिन वह मैदान में डटी रहीं।

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