Mumbai News: भारतीय कला और मनोरंजन जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। मराठी रंगमंच और भारतीय थिएटर की दिग्गज निर्देशक व बेहतरीन अभिनेत्री विजया मेहता का बीते मंगलवार की रात निधन हो गया है। उन्होंने 91 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली। थिएटर जगत में उन्हें सभी लोग प्यार से ‘बाई’ कहकर बुलाते थे।
छह दशक के लंबे करियर में समानांतर सिनेमा को दी नई दिशा
विजया मेहता ने अपने पिछले छह दशक लंबे शानदार करियर में भारतीय रंगमंच और समानांतर सिनेमा को एक नई पहचान और दिशा देने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनकी कला, अद्वितीय अभिनय और बेमिसाल निर्देशन के योगदान ने देश के कई पीढ़ियों के कलाकारों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया है।
उनके आकस्मिक निधन की जानकारी मिलते ही पूरी फिल्म और थिएटर इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है। सिनेमा जगत के बड़े-बड़े कलाकार सोशल मीडिया के जरिए उन्हें नम आंखों से भावुक श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर ने भी सोशल मीडिया पर एक लंबा और बेहद भावुक संदेश साझा किया है।
अभिनेता अनुपम खेर ने याद किए रिहर्सल के पुराने दिन
अनुपम खेर ने दुख व्यक्त करते हुए लिखा कि विजया मेहता एक महान हस्ती थीं, जिनके गुज़र जाने से उन्हें गहरा दुख हुआ है। वह भारत की सबसे बेहतरीन थिएटर कलाकारों में से एक, शानदार फ़िल्ममेकर और कमाल की इंसान थीं। उन्होंने बताया कि ‘राव साहब’ और ‘पेस्तोनजी’ जैसी फिल्मों में उन्हें विजया बाई के साथ काम करने का सौभाग्य मिला था।
खेर ने पुरानी यादें साझा करते हुए कहा कि उनके साथ हुई हर रिहर्सल ने उन्हें याद दिलाया कि कला का सागर कितना विशाल है। विजया बाई की समझदारी, इंसानी व्यवहार की परख और असाधारण संवेदनशीलता के सामने वह हमेशा एक छात्र बन गए। उन्होंने कभी अपना ज्ञान थोपा नहीं, बल्कि अभिनेताओं के स्टैंडर्ड को ऊंचा उठाया।
प्रसिद्ध अभिनेता विजय केंकरे ने दी बाई के निधन की आधिकारिक जानकारी
प्रसिद्ध अभिनेता विजय केंकरे ने मीडिया को उनके निधन की आधिकारिक जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि विजया मेहता ने मंगलवार की रात अपने घर पर ही इस दुनिया को अलविदा कह दिया। विजय केंकरे को इस दुखद घटना की जानकारी सबसे पहले विजया मेहता की बेटी ने फोन पर साझा की थी।
विजया मेहता मुंबई के प्रसिद्ध प्रयोगधर्मी थिएटर समूह ‘रंगायन’ की संस्थापक सदस्यों में से एक थीं। इस ऐतिहासिक समूह से मशहूर नाटककार विजय तेंदुलकर, अभिनेता अरविंद देशपांडे और श्रीराम लागू जैसे दिग्गज कलाकार भी जुड़े हुए थे। उन्होंने देश को कई ऐसे कालजयी नाटक दिए जिन्हें हमेशा याद रखा जाएगा।

