फतेहाबाद में प्रैस के स्टीकर लगी लग्जरी कार से सत्तर लाख की अफीम बरामद, महिला सहित दो तस्कर गिरफ्तार

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Fatehabad News: हरियाणा की फतेहाबाद पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ एक बहुत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक लग्जरी होंडा सिटी कार में प्रैस का स्टीकर लगाकर नशा तस्करी कर रहे एक महिला सहित दो अंतरराज्यीय तस्करों को रंगे हाथ काबू किया है।

सीआईए रतिया की टीम को मिली थी गुप्त सूचना

पकड़े गए तस्करों के पास से पुलिस टीम ने तेरह किलो साठ ग्राम उच्च गुणवत्ता वाली अफीम बरामद की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जब्त की गई इस अफीम की अनुमानित कीमत करीब सत्तर लाख रुपये आंकी गई है, जिसे पंजाब और हरियाणा के विभिन्न इलाकों में सप्लाई किया जाना था।

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इस हाई-प्रोफाइल मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए फतेहाबाद की एएसपी दिव्यांशी सिंगला ने बताया कि सीआईए रतिया की टीम नेशनल हाईवे-9 स्थित धांगड़ पुल के समीप संदिग्धों की धरपकड़ के लिए नियमित गश्त और सुरक्षा चेकिंग कर रही थी, तभी यह बड़ी कामयाबी मिली।

मध्यप्रदेश से हरियाणा और पंजाब आ रही थी अफीम

चेकिंग के दौरान पुलिस टीम को एक बेहद पुख्ता और विश्वसनीय खुफिया सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना के मुताबिक ईश्वर लाल (निवासी नीमच, मध्यप्रदेश) और सोना प्रजापति (निवासी रायसेन, मध्यप्रदेश) भारी मात्रा में अफीम लेकर हरियाणा और पंजाब के ड्रग पेडलर्स को सप्लाई करने आ रहे हैं।

इस गुप्त सूचना को बेहद गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने फौरन नेशनल हाईवे-9 पर धांगड़ पुल के पास कड़ी नाकाबंदी कर दी। कुछ ही देर बाद मुखबिर द्वारा बताए गए हुलिए और नंबर के आधार पर दिल्ली रजिस्ट्रेशन वाली संदिग्ध होंडा सिटी कार को रुकवाया गया।

जांच से बचने के लिए कार पर लगाया प्रैस का स्टीकर

कानूनी नियमों के तहत जब कार की गहन तलाशी ली गई, तो उसके भीतर छुपाकर रखी गई 13 किलो 60 ग्राम अफीम बरामद हुई। पुलिस ने तुरंत नशीले पदार्थ और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही लग्जरी कार को अपने कब्जे में लेकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

इस पूरी पुलिसिया कार्रवाई के दौरान एक बेहद चौंकाने वाला महत्वपूर्ण तथ्य भी सामने आया है। आरोपियों द्वारा इस्तेमाल की जा रही वीआईपी कार के आगे और पीछे बाकायदा ‘दैनिक सुदर्शन टुडे’ नामक समाचार पत्र के आधिकारिक दिखने वाले प्रैस स्टिकर चिपके हुए थे।

पूरे ड्रग नेटवर्क को खंगालने में जुटी जिला पुलिस

प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि आरोपियों ने खुद को सुरक्षा जांच और किसी भी किस्म के संदेह से दूर रखने के लिए मीडिया के इन स्टिकरों का कथित रूप से दुरुपयोग किया। वे नाकों पर पुलिस को चकमा देकर आसानी से निकलना चाहते थे।

फतेहाबाद पुलिस अब इस पूरे आपराधिक पहलू की बेहद गंभीरता से गहराई के साथ जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश में जुटी है कि इन अवैध स्टिकरों का असली स्रोत क्या है और इसके पीछे दोनों राज्यों का कोई बड़ा ड्रग सिंडिकेट या नेटवर्क तो काम नहीं कर रहा है।

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