Uttar Pradesh News: बिजली विभाग की सख्ती ने एक हंसते-खेलते परिवार को मातम में धकेल दिया है। 29 हजार रुपये का बकाया बिल जमा न होने पर ऊर्जा निगम ने मीटर उखाड़ दिया। इस बेइज्जती और भारी परेशानी से टूटकर तीस साल के एक ट्रक ड्राइवर ने अपने ही घर में फांसी लगाकर जान दे दी।
बीमार मां का दिया था हवाला
मृतक अमजद ईद का पवित्र त्योहार मनाने के लिए खुशी-खुशी अपने घर आया था। उसके भाई मोसीन ने बताया कि गुरुवार को बिजली विभाग के अधिकारी अचानक उनके घर पहुंचे। अमजद ने गिड़गिड़ाते हुए बताया कि उसकी मां गंभीर रूप से बीमार है। उनके महंगे इलाज में घर का सारा पैसा पहले ही खर्च हो गया है।
अमजद ने अधिकारियों से थोड़ा और समय मांगा और जल्द पूरा बिल चुकाने का पक्का वादा किया। लेकिन बिजली विभाग के कर्मचारियों ने उसकी एक भी मजबूरी नहीं सुनी और बेरहमी से मीटर उखाड़ लिया। इस भारी अपमान से अमजद बहुत ज्यादा हताश हो गया और शुक्रवार रात को उसने फांसी लगाकर मौत को गले लगा लिया।
परिजनों का फूटा भारी गुस्सा
शनिवार की सुबह जब यह भयानक घटना सामने आई तो पीड़ित परिवार और ग्रामीणों में भारी गुस्सा फूट पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। आक्रोशित ग्रामीणों ने ऊर्जा निगम की कठोर कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने काफी देर तक पुलिस को शव फंदे से उतारने से पूरी तरह रोके रखा।
स्थानीय पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद गुस्साए ग्रामीणों को शांत किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। रमाला थाना प्रभारी सूर्यदीप सिंह ने बताया कि परिजनों ने बिजली विभाग के खिलाफ कड़ी शिकायत दर्ज कराई है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है और पुलिस मामले की बहुत गहरी जांच कर रही है।
विभाग ने झाड़ा अपना पल्ला
इस बेहद गंभीर मामले पर ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने पूरी तरह से अपना पल्ला झाड़ लिया है। जेई देवेंद्र सैनी ने दावा किया कि चार साल पहले ही कनेक्शन काटा जा चुका था। वहीं, अधीक्षण अभियंता जगदीश चंद यादव ने भी स्पष्ट कहा कि इस दुखद आत्महत्या से उनके विभाग का बिलकुल भी कोई संबंध नहीं है।
Author: Ajay Mishra


